LIVE UPDATE

शिक्षकों ने सहायक शिक्षक फेडरेशन से टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की मांग की

सोना साहू क्रमोन्नत वेतनमान मामले में बचे सहयोग राशि से क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की मांग

2010 में टेट परीक्षा नियम बनने से पहले भर्ती हुए शिक्षकों के हक में पिटिशन दाखिल करने की मांग

गौरेला पेंड्रा मरवाही /  सोना साहू मामले में क्रमोन्नत वेतनमान का केस लड़ने के लिए शिक्षकों से एकत्रित किए गए सहयोग राशि के खाते में बचे हुए राशि से टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की मांग जिले एवं प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के शिक्षकों ने सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों से किया है।

ये खबर भी पढ़ें…
युवाओं के हित में साय सरकार का बड़ा फैसला! पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती की परीक्षा टकराव पर लगी रोक, बदल गई पुलिस SI मुख्य परीक्षा की तारीख
युवाओं के हित में साय सरकार का बड़ा फैसला! पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती की परीक्षा टकराव पर लगी रोक, बदल गई पुलिस SI मुख्य परीक्षा की तारीख
August 11, 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बता दें कि, आरटीई अधिनियम-2009 के अनुच्छेद 23(2) में वर्ष 2017 में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा किए गए संशोधन के कारण सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को फैसला दिया था कि, देशभर में कार्यरत सभी शिक्षकों को टेट (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पास करना अनिवार्य है। इस मामले में 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई थी।

शिक्षकों की मांग है कि, देश में टेट परीक्षा का नियम वर्ष 2010 में बना था और वर्ष 2011 से टेट परीक्षा शुरू हुई थी। तो उससे पहले भर्ती हुए शिक्षकों पर टेट अनिवार्यता से शिक्षकों को छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि वो उस दौरान शासन द्वारा निर्धारित अर्हता के आधार पर भर्ती हुए थे। इसलिए टेट अनिवार्यता के खिलाफ देशभर के शिक्षक सांसदों को ज्ञापन के माध्यम से राजनीतिक और सुप्रीम कोर्ट में याचिका के माध्यम से कानूनी हल निकालने का रास्ता तलाश रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
“मेरा लहू देश के नाम” से गूंजा राष्ट्रसेवा का संदेश
“मेरा लहू देश के नाम” से गूंजा राष्ट्रसेवा का संदेश
August 14, 2026
कोरबा/कटघोरा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम को मानव सेवा से जोड़ते हुए मारवाड़ी युवा मंच एवं नवचेतना शाखा कटघोरा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

टेट मामले में जम्मू कश्मीर के शिक्षकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया क्यूरेटिव पिटिशन (अंतिम उपचारात्मक याचिका) स्वीकार कर लिया गया है, जिसके सुनवाई की तारीख सुप्रीम कोर्ट ने अभी तय नहीं की गई है।

इसी क्यूरेटिव पिटिशन के साथ ही सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ से भी टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने की मांग सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन से प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के शिक्षकों ने किया है। उल्लेखनीय है कि, फेडरेशन के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष मनीष मिश्रा, प्रदेश पदाधिकारी बसंत कौशिक, वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र राठौर इत्यादि की अपील पर प्रदेश के हजारों शिक्षकों ने सोना साहू मामले में क्रमोन्नत वेतनमान का केस लड़ने के लिए सहयोग राशि दिया था, जो कि लगभग 25 से 30 लाख रुपए एकत्रित किए गए थे। उस राशि से सोना साहू का केस लड़ने के बाद भी लगभग 20 से 25 लाख रुपया खाते में शेष बचा हुआ था। उस बचे हुए राशि से टेट मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर 2010 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों को टेट परीक्षा से राहत दिलाने की मांग शिक्षकों द्वारा की जा रही है। शिक्षकों ने कहा है कि, जरूरत पड़ने पर शिक्षक और भी सहयोग राशि देने के लिए तैयार हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट सख्त: पुलिस की सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपियों की तस्वीरें डालने पर केंद्र-राज्यों को नोटिस, X और Meta से भी जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट सख्त: पुलिस की सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपियों की तस्वीरें डालने पर केंद्र-राज्यों को नोटिस, X और Meta से भी जवाब तलब
August 18, 2026
नई दिल्ली। पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन तभी स्वीकार की जाती है, जब याचिकाकर्ता यह साबित कर सके कि, उसके मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। इसे सर्वोच्च न्यायालय के किसी वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा प्रमाणित किया जाना अनिवार्य होता है, जिसक बाद सुप्रीम कोर्ट के तीन वरिष्ठतम न्यायाधीश इस पर सुनवाई करते हैं।

Ritesh GUPTA

Ritesh Gupta Editor-in-Chief | Lallanguru News Ritesh Gupta is the Editor-in-Chief of Lallanguru News, dedicated to delivering accurate, unbiased, and impactful journalism. With a strong commitment to public interest reporting, he focuses on investigative journalism, governance, legal affairs, public accountability, and issues affecting local communities. His mission is to uphold the highest standards of ethical journalism by presenting factual, credible, and timely news while giving a voice to people and promoting transparency in public life.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *