युवा कांग्रेस चुनाव में बड़ा उलटफेर: भूपेश बघेल गुट के सत्येंद्र चेलक और देवेंद्र यादव गुट के शैलेन्द्र बंजारे को इलेक्शन कमीशन ने ठहराया अयोग्य

युवा कांग्रेस चुनाव में बड़ा उलटफेर: दोनों प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशियों पर गिरी गाज, सत्येंद्र चेलक और शैलेन्द्र बंजारे चुनावी दौड़ से बाहर!
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में सोमवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक और शैलेन्द्र बंजारे को निर्वाचन आयोग ने चुनावी गतिविधियों से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। आयोग के निर्णय के बाद दोनों प्रत्याशियों के नाम वोटिंग ऑप्शन से हटाए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

भूपेश और देवेंद्र यादव गुट से जुड़े बताए जा रहे थे दोनों प्रत्याशी
राजनीतिक गलियारों में सत्येंद्र चेलक को भूपेश बघेल गुट और शैलेन्द्र बंजारे को देवेंद्र यादव गुट से जुड़ा प्रत्याशी बताया जा रहा था। ऐसे में दोनों ही नामों पर एक साथ हुई निर्वाचन आयोग की कार्रवाई ने युवा कांग्रेस के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

बाहरी इलेक्शन मैनेजमेंट टीम के इस्तेमाल का आरोप
निर्वाचन आयोग के अनुसार उसे शिकायत प्राप्त हुई थी कि प्रदेश अध्यक्ष पद के CSN नंबर 2 सत्येंद्र चेलक और CSN नंबर 4 शैलेन्द्र बंजारे द्वारा चुनाव प्रबंधन एवं प्रचार गतिविधियों के लिए दूसरे राज्य से बाहरी इलेक्शन मैनेजमेंट टीम अथवा व्यक्तियों को शामिल किया गया।

आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध शिकायत एवं तथ्यों का परीक्षण किया। इसके बाद दोनों प्रत्याशियों की चुनाव संबंधी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
नियमावली के उल्लंघन को लेकर आयोग का सख्त रुख
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि सदस्यता प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की Private Agency अथवा बाहरी एजेंसी के उपयोग को निर्वाचन नियमावली के बिंदु क्रमांक 5 के तहत गंभीर उल्लंघन माना गया है। शिकायत प्रमाणित होने की स्थिति में संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी अयोग्यता के अधीन हो सकती है।
वहीं नियमावली के बिंदु क्रमांक 7 के तहत आयोग को चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने, अन्य प्रत्याशियों के लिए असमान परिस्थिति पैदा करने अथवा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है।
वोटिंग ऑप्शन से भी हटेंगे दोनों नाम
निर्वाचन आयोग के फैसले का सबसे बड़ा असर मतदान प्रक्रिया पर पड़ने वाला है। आदेश के अनुसार दोनों प्रत्याशियों की चुनावी गतिविधियों पर रोक के साथ वोटिंग ऑप्शन से भी दोनों के नाम हटाए जाएंगे। इससे प्रदेश अध्यक्ष पद की चुनावी लड़ाई का पूरा समीकरण बदलने की संभावना है।
आयोग बोला—कार्रवाई राजनीतिक पक्ष-विपक्ष के आधार पर नहीं
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी प्रत्याशी के व्यक्तिगत या राजनीतिक पक्ष-विपक्ष के आधार पर नहीं की गई है। आयोग के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता, समान अवसर और निर्वाचन नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करना है।
युवा कांग्रेस चुनाव में अब नए समीकरण
दो प्रमुख प्रत्याशियों पर कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों प्रत्याशियों को लेकर उनके समर्थकों की सक्रियता पर भी तत्काल प्रभाव से विराम लग गया है। अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद की चुनावी दौड़ किस दिशा में जाती है और बाकी प्रत्याशियों के बीच मुकाबला किस तरह आकार लेता है।
निर्वाचन आयोग ने दोहराया है कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।









