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BREAK:पूर्व CM भूपेश बघेल एवं महिला के ‘फेक AI वीडियो’, महिला आयोग ने 7 दिन में मांगी जाँच

साइबर सेल और पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश,महिला गरिमा और सार्वजनिक मर्यादा सर्वोपरि

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ‘फेक’ और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) आधारित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में बड़ा कदम उठाया है। आयोग की अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए इस पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य न केवल एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक व्यक्तित्व की छवि धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि इसमें शामिल सामग्री से संपूर्ण महिला समाज की गरिमा को भी गहरी ठेस पहुँची है।

0 क्या है पूरा मामला?

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दिनांक 27.04.2026 को एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर, जिसका शीर्षक “पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फेक और एआई आधारित वीडियो को लेकर बवाल, एसपी को 02 दिन का अल्टीमेटम” है, के आधार पर आयोग ने यह कार्यवाही शुरू की है। आयोग के अनुसार, आधुनिक तकनीक (AI) का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्री और एक महिला से संबंधित भ्रामक व आपत्तिजनक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।

0 साइबर सेल और पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश

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राज्य महिला आयोग ने इस प्रकरण में पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों को दोतरफा कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:

साइबर सेल की भूमिका: आयोग ने साइबर सेल को पत्र लिखकर वीडियो की गहन तकनीकी जांच करने का निर्देश दिया है। इसमें वीडियो के मूल स्रोत (Origin) का पता लगाने और इसे वायरल करने वाले गिरोह की पहचान करने को कहा गया है।

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FIR और दंडात्मक कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक (SP), जिला-दुर्ग को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। आयोग ने जोर देकर कहा है कि दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जो डिजिटल अपराध करने वालों के लिए एक नजीर साबित हो।

समय सीमा (Deadline): आयोग ने पुलिस प्रशासन और साइबर सेल को की गई पूरी कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट 07 दिनों के भीतर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है।

0 महिला गरिमा और सार्वजनिक मर्यादा सर्वोपरि

इस मामले पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए महिला आयोग ने कहा है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों और महिलाओं के विरुद्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर चरित्र हनन करना एक अक्षम्य अपराध है। आयोग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि तकनीक का सहारा लेकर किसी की निजता और सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग प्रदेश में महिलाओं के सम्मान की रक्षा और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पूरी मजबूती से खड़ा है।

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