गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- सुशासन की सरकार में अवैध उगाही का खेल! रुमगा में हर ट्रैक्टर से ₹200 वसूली का आरोप, आशीष पड़वार का नाम आया सामने; आखिर किसके संरक्षण में चल रहा वसूली का कारोबार?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रदेश में सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था के दावों के बीच गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रुमगा क्षेत्र से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि रुमगा और कोलबीरा क्षेत्र से रेत, मिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री लेकर गुजरने वाले ट्रैक्टरों से प्रति ट्रिप 200 रुपये की वसूली की जा रही है। इस कथित वसूली को लेकर आशीष पड़वार का नाम सामने आया है। ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर ट्रिप पर 200 रुपये, रसीद न आदेश—फिर किस अधिकार से वसूली?

स्थानीय ट्रैक्टर चालकों का आरोप है कि निर्माण सामग्री लेकर निकलने वाले प्रत्येक ट्रैक्टर से 200 रुपये मांगे जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि रकम लेने के बाद किसी भी प्रकार की शासकीय रसीद या आधिकारिक पर्ची नहीं दी जाती। यदि यह शासन द्वारा निर्धारित शुल्क है तो उसका आदेश कहां है? और यदि कोई वैध शुल्क नहीं है तो फिर खुलेआम पैसे वसूलने का अधिकार किसने दिया?
सुशासन के दावों के बीच किसकी चल रही अपनी सरकार?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर यह कथित वसूली चल रही है? क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या फिर क्षेत्र में विभागीय निगरानी पूरी तरह नदारद है? यदि हर ट्रिप से 200 रुपये लिए जा रहे हैं तो प्रतिदिन कितनी रकम वसूली जा रही होगी और उसका हिसाब किसके पास है?
कलेक्टर और खनिज विभाग से जवाब मांग रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और खनिज विभाग से मामले की शिकायत कर निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। उनकी मांग है कि कथित वसूली की वास्तविकता सामने लाई जाए, रकम लेने के पीछे की व्यवस्था की जांच हो और आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
अब सवाल सीधे जिला प्रशासन और खनिज विभाग से है—रुमगा में ट्रैक्टर चालकों से कथित 200 रुपये की वसूली कब बंद होगी? क्या सुशासन की सरकार में आम लोगों और ट्रैक्टर मालिकों को बिना रसीद कथित उगाही का सामना करना पड़ेगा? या प्रशासन इस मामले में जवाबदेही तय कर कार्रवाई करेगा?
सुशासन का दावा तभी सार्थक होगा, जब जमीन पर भी अवैध वसूली के आरोपों पर कार्रवाई दिखाई देगी।









