दूरस्थ अंचलों में विकास की रफ्तार पर कलेक्टर की सख्त नजर: 15 नवंबर तक सड़कें पूरी करने के निर्देश
ग्रामीणों की सुविधा सर्वोपरि, सड़क निर्माण में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी: कलेक्टर कुणाल दुदावत

कोरबा। जिले के दूरस्थ एवं पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) बाहुल्य क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड का व्यापक दौरा किया। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों एवं स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन एवं एसडीएम श्री मनोज कुमार भी मौजूद रहे।
कोयला परिवहन से क्षतिग्रस्त सड़क पर सख्ती, एसईसीएल को तत्काल मरम्मत के निर्देश –

कलेक्टर ने सरमा–पसान मार्ग का निरीक्षण किया, जहां सड़क पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे पाए गए। इस पर उन्होंने एसईसीएल रानी अटारी के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से भारी संख्या में कोयला परिवहन करने वाले वाहन गुजरते हैं, इसलिए ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित एवं यातायात योग्य बनाने के निर्देश दिए।


पीएम जनमन की सड़कों में तेजी लाने के निर्देश, 15 नवंबर की तय की डेडलाइन –
कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना के तहत पीवीटीजी बहुल गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए बन रही सड़कों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने लैंगा से सेमरा–सैला–जिल्दा तक बन रही 14.30 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी को 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

रेलवे समन्वय से जल्द पूरा होगा अधूरा पीएमजीएसवाई मार्ग –
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कटोरी नगोई–केशलपुर के बीच निर्माणाधीन 6.90 किलोमीटर लंबी पीएमजीएसवाई सड़क का भी जायजा लिया। रेलवे लाइन से जुड़े हिस्से में कार्य अधूरा मिलने पर उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शेष कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में अनावश्यक देरी से सबसे अधिक परेशानी ग्रामीणों को होती है, इसलिए सभी बाधाओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पसान स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं की समीक्षा, बेहतर इलाज और सुरक्षित मातृत्व पर विशेष जोर –
दौरे के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का भी आकलन किया। उन्होंने पंजीयन कक्ष, प्रसव कक्ष, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष एवं स्टोर रूम का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इनका लाभ उठा सकें। साथ ही गर्भवती महिलाओं को समय पर संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

मरीजों से सीधे संवाद, पौष्टिक आहार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर –
कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने प्रसव उपरांत माताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रोटीनयुक्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध हों, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी मरीज को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।









