SDM की कार्रवाई पर बड़ा सवाल: वैध रेत भंडारण से जब्त की गईं 2 हाईवा और JCB, कारोबारी ने राजस्व निरीक्षक भगत पर लगाया वसूली का आरोप?
जनदर्शन में कलेक्टर को दिया आवदेन, कार्यवाही की उम्मीद

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम कार्यालय की कार्रवाई अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। कटघोरा निवासी कारोबारी एवं रेत भंडारण संचालक अभय कुमार गर्ग ने कलेक्टर कोरबा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी 2 हाईवा और 1 जेसीबी को बिना किसी ठोस कारण के जबरन जप्त कर लिया गया, जबकि सभी कार्य वैध दस्तावेजों और अनुमति के तहत संचालित हो रहे थे। मामले में अब राजस्व विभाग की कार्यशैली और कथित वसूली तंत्र को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
आवेदन के अनुसार अभय गर्ग को ग्राम बांगो में रेत भंडारण की वैध स्वीकृति खनिज शाखा कोरबा से 05 जून 2021 से 04 जून 2026 तक के लिए प्रदान की गई है। इसी स्वीकृति के तहत वे रेत भंडारण और परिवहन का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब कार्रवाई की गई उस समय दोनों हाईवा उनके अधिकृत भंडारण यार्ड के भीतर खड़ी थीं। एक वाहन में रेत लोड थी जबकि दूसरे में लोडिंग की प्रक्रिया जारी थी। अभय गर्ग का कहना है कि नियमों के अनुसार परिवहन पास की आवश्यकता यार्ड से बाहर परिवहन के दौरान होती है, जबकि वाहन यार्ड के अंदर मौजूद थे। इसके बावजूद राजस्व अमले ने कथित तौर पर जबरदस्ती वाहनों को कब्जे में लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचा दिया।

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आवेदक ने दावा किया कि बाद में उनके द्वारा वैध रेत परिवहन पास और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिसके बाद स्वयं एसडीएम स्तर से शाम को राजस्व निरीक्षक को गाड़ियां छोड़ने के निर्देश दिए गए। लेकिन आरोप है कि संबंधित राजस्व निरीक्षक भगत ने आदेश का पालन नहीं किया और वाहनों को छोड़ने के बजाय मोटी रकम की मांग शुरू कर दी। आवेदक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित राजस्व निरीक्षक खुद को “जिला प्रशासन से ऊपर” मानते हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को भी नजरअंदाज करते हैं। उनका कहना है कि पूरी कार्रवाई कहीं न कहीं दबाव बनाकर वसूली करने की नीयत से की गई प्रतीत होती है।
अभय गर्ग ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री जनमन सड़क योजना के तहत लालपुर-ठिर्रीआमा सड़क निर्माण कार्य का आबंटन उनके नाम पर हुआ है। उक्त निर्माण कार्य में यही हाईवा और जेसीबी उपयोग में लाई जा रही थीं। ऐसे में वाहनों की जब्ती से सरकारी सड़क निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

आवेदक का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेज — रेत भंडारण अनुज्ञप्ति, रॉयल्टी बुक, वाहन फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कागजात प्रस्तुत करने की तैयारी जताई है, लेकिन अब तक न तो स्पष्ट कारण बताया गया और न ही वाहनों को छोड़ा गया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि वाहन वैध भंडारण यार्ड के भीतर थे और बाद में परिवहन पास भी प्रस्तुत कर दिया गया था, तो फिर इतनी सख्त कार्रवाई किस आधार पर की गई? क्या यह कार्रवाई नियमों के तहत थी या फिर इसके पीछे कोई और मंशा काम कर रही थी? फिलहाल पूरे मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजर कलेक्टर कोरबा और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।










