सोनम वांगचुक के आंदोलन का निःशर्त समर्थन करने वाले छत्तीसगढ़ के एकमात्र नेता थे अमित जोगी — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इस संघर्ष की नैतिक विजय है

रायपुर, 25 जुलाई 2026। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने आज जारी एक बयान में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा सोनम वांगचुक जी के ऐतिहासिक अनशन और न्याय के लिए संघर्षरत छात्रों के आंदोलन की नैतिक विजय है।


नायक ने कहा कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी छत्तीसगढ़ के एकमात्र ऐसे राजनीतिक नेता थे जिन्होंने आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही बिना किसी हिचकिचाहट और बिना किसी राजनीतिक लाभ-हानि की गणना किए, सोनम वांगचुक जी के अनशन तथा सीजेपी (CJP) के आंदोलन को अपना निःशर्त समर्थन दिया। अनशन के 19वें दिन अमित जोगी स्वयं जंतर-मंतर पहुँचे, जहाँ उन्होंने वांगचुक जी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके संघर्ष की सराहना की।


नायक ने कहा, “उस दिन अमित जोगी जी ने उनसे कहा था— ‘आप पहले ही जीत चुके हैं, क्योंकि आपने पूरे देश की अंतरात्मा को जगा दिया है।’ आज वे शब्द अक्षरशः सत्य सिद्ध हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि जहाँ छत्तीसगढ़ के अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर मौन साधे रखा, वहीं अमित जोगी जी ने न केवल सार्वजनिक रूप से अपना समर्थन व्यक्त किया, बल्कि स्वयं वहाँ पहुँचकर अपनी एकजुटता भी दिखाई। यह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की उस राजनीति का परिचायक है, जिसकी नींव सत्ता के गलियारों में नहीं, बल्कि जनता की अंतरात्मा में निहित है।

नायक ने यह भी कहा कि यह इस्तीफ़ा किसी व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि हर उस विद्यार्थी, अभिभावक और नागरिक की जीत है, जिसने इस आंदोलन के साथ दृढ़ता से खड़े होकर उसका समर्थन किया।
जारीकर्ता:
भगवानू नायक
मुख्य प्रवक्ता
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)









