कोरबा: एकलव्य आवासीय विद्यालय में फूटा छात्रों का गुस्सा, प्रिंसिपल को हटाने की मांग पर विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी का घेराव
घटिया भोजन, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप; छात्रों की शिकायत सुन विधायक ने दिए जांच के निर्देश, कार्रवाई की उठी मांग

कोरबा/कटघोरा। छुरीकला स्थित शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शाला प्रवेश उत्सव के बाद लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह की गाड़ियों को बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने घेर लिया। छात्रों ने विद्यालय की अव्यवस्थाओं को लेकर खुलकर नाराजगी जताई और प्राचार्य डॉ. अहमद खान को तत्काल हटाने की मांग की।
छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में लंबे समय से गंभीर अनियमितताएं चल रही हैं। उनका कहना है कि छात्रों को गुणवत्ताहीन और अस्वच्छ भोजन परोसा जा रहा है। कुछ छात्रों ने दावा किया कि भोजन में कीड़े मिले, जबकि बरसात के पानी से खाना बनाए जाने की भी शिकायत की गई। पेयजल और स्नान के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से छात्रों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। छात्रों का आरोप है कि त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल रहा। कुछ छात्रों ने कथित रूप से एक्सपायरी डेट वाली दवाइयों और खाद्य सामग्री के पैकेट जनप्रतिनिधियों को दिखाते हुए कार्रवाई की मांग की।
अभिभावकों ने प्राचार्य के व्यवहार पर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि पैरेंट्स मीटिंग की व्यवस्था अव्यवस्थित है और अभिभावकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि दैनिक जरूरत का सामान बाहर से लाने पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए हैं।


अभिभावकों ने विद्यालय में शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि इस घटना से कुछ छात्र भी प्रभावित हुए थे और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी।
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने तथा छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय में लगाए गए इन आरोपों ने आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है, ताकि छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।









