कैशलेस चिकित्सा योजना पर बढ़ी उम्मीदें: महा सम्मेलन की गूंज सचिवालय तक, प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए मिला बुलावा

रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा भिलाई में आयोजित कैशलेस चिकित्सा क्रियान्वयन महा सम्मेलन के बाद शासन स्तर पर सकारात्मक पहल शुरू हो गई है। सम्मेलन में कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और कैशलेस चिकित्सा योजना को जल्द लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी।
इसी क्रम में संघ की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन टीम) को सचिवालय में चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रस्तावित बैठक में कैशलेस चिकित्सा योजना के नियम, संचालन की रूपरेखा, पात्रता, प्रक्रिया तथा इसके शीघ्र क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।


संघ का कहना है कि यह आमंत्रण कर्मचारियों के लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दे पर शासन की गंभीरता को दर्शाता है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सचिवालय स्तर पर होने वाली चर्चा के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को जल्द ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

गौरतलब है कि भिलाई में आयोजित महा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए थे। सम्मेलन में कैशलेस चिकित्सा योजना को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई गई।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से भी संगठन के पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सम्मेलन में संगठन के संस्थापक एवं प्रदेश संयोजक पीयूष गुप्ता, संभाग पदाधिकारी दिनेश राठौर, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनवानी, जिला पदाधिकारी बलराम तिवारी, त्रिभुवनदास गोयल, रंजीत राठौर एवं श्रीमती अर्चना गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शासन और कर्मचारी संगठन के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर अब प्रदेश के लाखों कर्मचारी परिवारों की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि चर्चा सकारात्मक रही तो छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन का रास्ता जल्द साफ हो सकता है।









