लचर बिजली व्यवस्था से जटगा सब स्टेशन का सप्लाई क्षेत्र ‘भगवान भरोसे’, घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण

कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। जटगा सब स्टेशन से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अनियमित बिजली आपूर्ति और घंटों की अघोषित कटौती से आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ऐसे हैं कि पूरा सप्लाई क्षेत्र अब “भगवान भरोसे” चलता नजर आ रहा है। ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों की आवाज दबाने का आरोप

रावा फीडर 11 केवी लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले विभाग द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में लाइन बंद होने, मेंटेनेंस और फाल्ट की जानकारी साझा की जाती थी। लेकिन जब उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली कटौती और बहाली का समय पूछना शुरू किया तो ग्रुप को “Only Admin” कर दिया गया। इससे अब ग्रामीण न अपनी समस्या रख पा रहे हैं और न ही उन्हें समय पर कोई सूचना मिल रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग सवालों से बचने के लिए संवाद का माध्यम ही बंद कर चुका है।
तीन घंटे का शटडाउन, सात घंटे बाद भी नहीं लौटी बिजली

बिजली विभाग ने पूर्व सूचना जारी कर बताया था कि 25 जुलाई 2026 को जमनीपाली 132/33 केवी उपकेंद्र से निकलने वाली सभी लाइनों का शटडाउन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक रहेगा। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी शाम 7 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली।
हर शिकायत का एक ही जवाब—’फाल्ट है, काम चल रहा है’

ग्रामीणों का कहना है कि जब भी लाइनमैन या संबंधित अधिकारियों को फोन किया जाता है तो हर बार एक ही जवाब मिलता है—”फाल्ट आ गया है, काम चल रहा है।” लेकिन फाल्ट कब ठीक होगा और बिजली कब आएगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
बच्चों की पढ़ाई, व्यापार और मरीजों की परेशानी बढ़ी
बिजली की लगातार आंख-मिचौली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, छोटे व्यापारियों, किसानों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। पढ़ाई प्रभावित हो रही है, दुकानों का कारोबार ठप पड़ रहा है और उमस भरी गर्मी में बिजली न होने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग समय पर सूचना देने और उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने के बजाय संवाद के सभी रास्ते बंद कर देगा, तो लोगों का आक्रोश बढ़ना स्वाभाविक है। क्षेत्रवासियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार, नियमित सूचना व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
फिलहाल जटगा सब स्टेशन का पूरा सप्लाई क्षेत्र बदहाल बिजली व्यवस्था के कारण ‘भगवान भरोसे’ चलता दिखाई दे रहा है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन का रूप भी ले सकता है।









