गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : आंगनवाड़ी भर्ती में करोड़ों का खेल? महिला एवं बाल विकास अधिकारी अमित सिन्हा पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप?
कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास मंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र में

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया अब बड़े विवाद में घिरती नजर आ रही है। जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत गौरखेड़ा, बनझोरका, थाडपथरा, खोड़री, धनोली, सेमरा, डुमरिया, सारबहारा और डांड जमड़ी समेत कई केंद्रों की भर्ती प्रक्रिया पर भारी भ्रष्टाचार और लेनदेन के आरोप लगे हैं।
जनपद पंचायत गौरेला की उपाध्यक्ष गायत्री राठौर द्वारा कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास मंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र में भर्ती प्रक्रिया को शिक्षा स्थायी समिति की अनुमति और निगरानी के बिना संचालित किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि नियमों को दरकिनार कर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और कई पात्र अभ्यर्थियों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया।

सबसे गंभीर आरोप महिला एवं बाल विकास अधिकारी अमित सिन्हा पर लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित रूप से मोटी रकम लेकर चयन किया गया और प्रति अभ्यर्थी लाखों रुपये तक की वसूली हुई। आरोप है कि पैसे लेकर मेरिट और पात्रता को प्रभावित किया गया।
आंगनवाड़ी भर्ती में बड़ा खेल! उम्मीदवारों को पहले से थी चयन की जानकारी? गोपनीय सूची दलालों तक पहुंचने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चयन सूची जारी होने से पहले ही कुछ उम्मीदवारों को उनके चयन की जानकारी मिल चुकी थी। इससे भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि आखिर गोपनीय सूची दलालों और संबंधित लोगों तक कैसे पहुंची? आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पहले से सेटिंग और लेनदेन का खेल चल रहा था।
लगातार शिकायतों और आपत्तियों के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों की जॉइनिंग

सबसे बड़ी बात यह है कि लगातार शिकायतों और आपत्तियों के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों की जॉइनिंग कराई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभ्यर्थियों का कहना है कि जब पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है, तब तक भर्ती प्रक्रिया और जॉइनिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए थी। इसके बावजूद विभाग द्वारा प्रक्रिया जारी रखना कई संदेह पैदा कर रहा है।

गौरतलब है कि अमित सिन्हा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले सखी सेंटर भर्ती प्रक्रिया में भी उन पर इंटरव्यू के दौरान भारी लेनदेन और घोटाले के आरोप लग चुके हैं। अब आंगनवाड़ी भर्ती में सामने आए नए आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों ने भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की जांच हुई तो भर्ती घोटाले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। हालांकि महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









