GPM; जनपद पंचायत पेण्ड्रा के बाबू पर रिश्वतखोरी के आरोप, सरपंच संघ ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन,सुशासन तिहार में उठी भ्रष्टाचार की शिकायत
असामाजिक तत्वों से मिलीभगत कर सूचना का अधिकार और पत्रकारिता का सहारा लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को परेशान

पेंड्रा: सरपंच संघ पेण्ड्रा ने सुशासन तिहार के दौरान जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जनपद पंचायत पेण्ड्रा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 दीपक तिवारी के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार, दुर्व्यवहार और कार्य में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं।
फाइलों के एवज में प्रतिशत मांगने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दीपक तिवारी द्वारा ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की फाइलों के मूल्यांकन और सत्यापन के नाम पर सरपंचों एवं सचिवों से 5 से 6 प्रतिशत तक राशि की मांग की जाती है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बिना पैसे दिए संबंधित फाइलों में हस्ताक्षर नहीं किए जाते और फाइलों को महीनों तक लंबित रखा जाता है।
गोपनीय जानकारी लीक करने का भी आरोप

सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारी पंचायतों की गोपनीय सूचनाओं को बाहर साझा करता है तथा असामाजिक तत्वों से मिलीभगत कर सूचना का अधिकार और पत्रकारिता का सहारा लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को परेशान करता है। इससे ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरपंचों व सचिवों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दुर्व्यवहार से परेशान पंचायत प्रतिनिधि

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दीपक तिवारी सरपंचों, सचिवों और जनपद सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जनपद पंचायत में अधिकांश सरपंच एवं सचिव उक्त कर्मचारी के व्यवहार से परेशान हैं।
पहले हो चुका था स्थानांतरण
सरपंच संघ ने बताया कि पूर्व में दीपक तिवारी का स्थानांतरण उनके मूल विभाग मरवाही कर दिया गया था, लेकिन कथित रूप से प्रभाव और पैसे के दम पर वे पुनः जनपद पंचायत पेण्ड्रा में पदस्थ हो गए।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की गई है कि दीपक तिवारी को तत्काल उनके मूल विभाग मरवाही भेजा जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो सभी सरपंच, सचिव एवं जनपद सदस्य मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
सुशासन तिहार के दौरान सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद पंचायत और प्रशासनिक हलकों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।









