रतनपुर NH पर बड़ा हादसा टला: पुल धंसते ही बीच पुल में फंसी पुष्पराज बस, पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग पर आवागमन ठप

(जीशान अंसारी की रिपोर्ट), कोटा/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बांसा झाल में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रतनपुर नेशनल हाईवे पर स्थित पुल अचानक धंस जाने से पेंड्रा से बिलासपुर जा रही पुष्पराज बस बीच पुल पर ही फंस गई। घटना के दौरान बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए लोगों की सांसें थम गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही पुष्पराज बस पुल को पार कर रही थी, उसी समय पुल में अचानक तेज आवाज के साथ दरार (क्रैक) पड़ गई। देखते ही देखते पुल का एक हिस्सा धंस गया और बस का अगला हिस्सा नीचे की ओर झुक गया। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत बस रोक दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी भी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। पुल धंसने के कारण रतनपुर-कोटा-पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग वैकल्पिक मार्ग तलाशने को मजबूर हो गए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की स्थिति लंबे समय से कमजोर थी, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि यदि पुल का नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल की तत्काल तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा नए एवं मजबूत पुल के निर्माण की मांग की है। घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने की तैयारी की जा रही थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर आवागमन रोक दिया गया है और लोगों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना के कारणों की जांच के बाद ही पुल धंसने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।










