गौरेला पेंड्रा मरवाही : कटघोरा के बाद अब मरवाही की अटल प्रतिमा पर सवाल! कांस्य (ब्रॉन्ज) या सीमेंट? तस्वीरों ने बढ़ाई सियासी हलचल?
कटघोरा में उप अभियंता के निलंबन के बाद अब मरवाही की अटल प्रतिमा भी चर्चा में, तस्वीरों में दिखीं दरारें और उखड़ती परतें; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल।

गौरेला पेंड्रा मरवाही: कटघोरा के अटल परिसर में स्थापित भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में अनियमितता के मामले में उप अभियंता के निलंबन के बाद अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही में स्थापित अटल प्रतिमा भी सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया में सामने आई तस्वीरों में प्रतिमा के विभिन्न हिस्सों पर दरारें, उखड़ती परतें और क्षति जैसे निशान दिखाई देने के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

ब्रॉन्ज या किसी अन्य सामग्री से बनी है प्रतिमा?
स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि मरवाही में स्थापित प्रतिमा वास्तव में स्वीकृत मानकों के अनुरूप कांस्य (ब्रॉन्ज) से निर्मित है या नहीं। तस्वीरों में दिखाई दे रहे निशानों और दरारों के आधार पर विभिन्न तरह के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी अधिकृत तकनीकी जांच में यह पुष्टि नहीं हुई है कि प्रतिमा किस सामग्री से बनी है।

तस्वीरों ने खड़े किए कई सवाल
सामने आई तस्वीरों में प्रतिमा के चेहरे, धड़ और अन्य हिस्सों पर महीन दरारें एवं सतह पर क्षति दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि प्रतिमा वास्तव में कांस्य से बनी है तो इतनी कम अवधि में इस तरह के निशान क्यों दिखाई दे रहे हैं। इन सवालों का उत्तर केवल तकनीकी परीक्षण से ही स्पष्ट हो सकता है।

कटघोरा की जांच के बाद बढ़ी पारदर्शिता की मांग
कटघोरा मामले में विभागीय जांच के बाद निर्माण में अनियमितता मिलने पर उप अभियंता को निलंबित किया गया था। उसी कार्रवाई के बाद अब मरवाही की प्रतिमा को लेकर भी मांग उठ रही है कि यदि कोई संदेह है तो इसकी भी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण में उपयोग की गई सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए।

लोकार्पण बड़े समारोह में हुआ था
मरवाही स्थित अटल परिसर का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया था। अब प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लोग यह भी जानना चाहते हैं कि निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी किसके जिम्मे थी और गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर किया गया था।
जांच के बिना निष्कर्ष संभव नहीं
फिलहाल उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर प्रतिमा की निर्माण सामग्री को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अभी तक किसी सक्षम सरकारी एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की है कि प्रतिमा कांस्य (ब्रॉन्ज) के बजाय सीमेंट या कंक्रीट से बनी है। इसलिए इस स्तर पर यह सार्वजनिक सवाल और जांच की मांग का विषय है, न कि स्थापित तथ्य।
अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
कटघोरा में हुई कार्रवाई के बाद अब निगाहें मरवाही पर टिक गई हैं। यदि स्थानीय स्तर पर उठ रहे संदेहों को दूर करना है, तो प्रशासन के सामने सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या मरवाही की अटल प्रतिमा का भी स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, ताकि तस्वीरों से उठे सवालों का तथ्यात्मक जवाब सामने आ सके।








