24 घंटे से धरने पर डटे विकास सिंह का बड़ा हमला: “अटल प्रतिमा विवाद में उप अभियंता सिर्फ मोहरा, असली मास्टरमाइंड भाजयुमो नेता!”
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष का सीधा सवाल—"अपने ही पितृ पुरुष के अपमान पर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व मौन क्यों? क्या 'दागी' को मिल रहा है संगठन का संरक्षण?"

कटघोरा के अटल परिसर में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा निर्माण को लेकर मचा बवाल अब महा-संग्राम का रूप ले चुका है। एक तरफ जहाँ युवा कांग्रेस का 24 घंटे से जारी उग्र धरना प्रशासन की नींद उड़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस विवाद ने बीजेपी के अंदरूनी गलियारों में ऐसा बारूद बिछा दिया है, जो कभी भी महा-विस्फोट कर सकता है। भ्रष्टाचार की गंध अब प्रशासनिक कमरों से निकलकर राजनीति के शीर्ष तक पहुँच चुकी है और स्थिति यह है कि अपनी ही सत्ता में बीजेपी बैकफुट पर नज़र आ रही है।
24 घंटे से धरने पर डटे विकास सिंह का प्रहार: “इंजीनियर सिर्फ मोहरा, असली आका तो नेता!”

जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास सिंह का अनिश्चितकालीन धरना 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी धरना स्थल पर पूरी आक्रामकता के साथ जारी है। विकास सिंह ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि प्रतिमा निर्माण में हुई धांधली में मुख्य भूमिका भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष की है, जिन्होंने मुख्य ठेकेदार मनोज अग्रवाल और पेटी ठेकेदार के साथ मिलकर पूरे खेल को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच के नाम पर एक उप अभियंता (Sub-Engineer) को निलंबित करके प्रशासन ने सिर्फ पर्दा डालने की कोशिश की है, जबकि असली ‘मास्टरमाइंड’ अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
सत्ता के गलियारों में बगावत की चिंगारी: “भाजयुमो अध्यक्ष को करो बाहर!”

प्रशासनिक जांच के बीच बीजेपी संगठन के भीतर भी बगावत के सुर बेहद तीखे हो चुके हैं। प्रतिमा निर्माण विवाद में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष का नाम उछलते ही पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सब्र टूट गया है। सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपाइयों, पूर्व पार्षदों और पूर्व मंडल अध्यक्षों ने अपनी ही पार्टी के पदाधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स में खुलेआम मांग की जा रही है कि जिस नेता की वजह से अटल जी के नाम पर पार्टी की साख सरेआम नीलाम हो रही है, उसे तत्काल प्रभाव से संगठन से बाहर किया जाए।
बीजेपी जिलाध्यक्ष से सीधा सवाल: कौन दे रहा है ‘दागी’ को संरक्षण?

धरना स्थल से ललकारते हुए युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने सीधे बीजेपी के जिला नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने तीखा सवाल दागा:
मैं बीजेपी जिला अध्यक्ष से पूछना चाहता हूँ कि अपने ही पितृ पुरुष स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान से जुड़े मामले में भी संबंधित नेता को आखिर किसका संरक्षण मिल रहा है? क्या संगठन अपनी साख दांव पर लगाकर दागी नेताओं की ढाल बन रहा है?”
राजनीतिक गलियारों में भी यही चर्चा है कि जब कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्ष तक सड़कों पर उतर चुका है, तब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपने ही पदाधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से क्यों कतरा रहा है।
जब तक जेल नहीं, तब तक जंग जारी!
युवा कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई करके मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डालने दिया जाएगा। जब तक निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों, बिचौलियों और कथित तौर पर शामिल नेताओं पर निष्पक्ष जांच के बाद कानूनी शिकंजा नहीं कसता, तब तक यह अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त नहीं होगा। कटघोरा का गरम राजनीतिक तापमान यह साफ बता रहा है कि यदि समय रहते संगठन और प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो यह आग और विकराल रूप लेगी।









