KORBA:एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला में छात्रों का फूटा गुस्सा, प्राचार्य को हटाने की मांग पर हाईवे जाम; लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
भोजन, पेयजल और छात्रावास की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन, प्रशासनिक जांच के बीच दूसरी बार विरोध से बढ़ी हलचल

कोरबा। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) छुरीकला में छात्रों का आक्रोश शनिवार को एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। विद्यालय में कथित अव्यवस्थाओं और प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर छात्रों ने कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम टी.आर. भारद्वाज, तहसीलदार, पुलिस बल तथा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों और उनके परिजनों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं। हालांकि छात्र तब तक सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए, जब तक उन्हें समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिला। प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ और यातायात बहाल कराया गया।

छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रावास में लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता खराब है और कई बार खाने में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। पेयजल, नाश्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ-साथ प्राचार्य एवं कुछ स्टाफ के व्यवहार को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
गौरतलब है कि इसी सप्ताह शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान भी छात्रों ने क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल के सामने विद्यालय की समस्याएं उठाई थीं। इसके बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। समिति अभी जांच प्रक्रिया में ही है।

इसी बीच दोबारा हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि कुछ स्तर पर प्रदर्शन के पीछे बाहरी उकसावे की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच रिपोर्ट आने तक उचित नहीं होगा।
एसडीएम टी.आर. भारद्वाज ने बताया कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया है और समस्याओं के निराकरण का लिखित आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त द्वारा जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










