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कुटेशर नगोई पंचायत बना भ्रष्ट्राचार का मॉडल : सरपंच दंपति व सचिव के तिकड़ी से विकास योजनाओं में खुला लूट, अनेक घोटालों के बाद अब सामुदायिक शौचालय व पीडीएस भवन में अनियमितता उजागर

ग्रामीणों का कथन- अंधेर नगरी- चौपट राजा की तर्ज पर चल रहा पंचायत.

कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:-अगर भ्रष्ट्राचार की कोई पाठशाला खोलनी हो तो जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई को इसकी मॉडल बना देना चाहिए। यहां पिछले 6.5 सालों में सरपंच दंपति और सचिव के तिकड़ी ने शासन की हर योजना का जनाजा निकाल दिया है। जहां संबंधितों के भ्रष्ट्राचार प्याज के छिलके जैसी परत दर परत खुल रहा है तथा हर परत के नीचे एक नया घोटाला सामने आ रहा है।

ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई के बस्ती में 6 माह पूर्व नाली निर्माण के लिए 2 लाख आहरण हुआ किन्तु नाली निर्माण कार्य अब तक नदारद है, गत वर्ष मरकाम तालाब में पचरी निर्माण हेतु मनरेगा के 1.75 लाख निकल गया लेकिन पचरी गायब है, प्राथमिक शाला परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण की राशि 3.75 लाख निकाल यह काम भी पिछले एक साल से अधूरा पड़ा है तो स्कूल के फर्श पर टाइल्स लगाने 1 लाख से अधिक की राशि आहरण के बाद भी टाइल्स नही लगाए जाने का खुलासा खबर के माध्यम से किया जा चुका है। अब स्वच्छ भारत मिशन योजना से स्वीकृत सामुदायिक शौचालय और जिला खनिज न्यास संस्थान मद के स्वीकृत शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान सह गोदाम भवन निर्माण में अनियमितता सामने आया है। इस निर्माण की स्वीकृति बीते पंचवर्षीय कार्यकाल में मिली थी, तब वर्तमान सरपंच पत्नी अनिता ओड़े सरपंच निर्वाचित थी। जहां गरीबों के राशन के लिए स्वीकृत पीडीएस भवन निर्माण का प्रथम किश्त 4.50 लाख आहरित कर लिए गए और काम धरातल पर नीव स्तर तक हुआ, जो आज तलक उपेक्षित पड़ा है तथा ग्रामीण पुराने जर्जर भवन से राशन उठाने को मजबूर हैं, जहां गरीबों का सरकारी खाद्यान सामाग्री भगवान भरोसे है। इसी कार्यकाल में एसबीएम से सामुदायिक शौचालय भी स्वीकृत हुआ था और इसके भी लाखों प्रथम किश्त राशि निकल गए परंतु वह भी अधूरा पड़ा अपनी बदहाली पर रो रहा है। इससे राज्य- केंद्र सरकार के स्वच्छता का सपना यहीं दम तोड़ गया है। ग्रामीण दोनों के लाभ से अबतक वंचित है व उनका आरोप है कि कुटेशर नगोई पंचायत नही, कब्रिस्तान है। यहां तत्कालीन सरपंच अनिता ओड़े, वर्तमान सरपंच व तत्कालीन सरपंच पति नंदकिशोर ओड़े एवं सचिव जयरतन कंवर के तिकड़ी से हर योजना दफन हो रही है तथा पिछले 6.5 साल में पंचायत का बंटाधार कर दिया गया है। सरपंच- सचिव केवल अपना व्यक्तिगत विकास देख रहे हैं और गांव की जनता बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। ग्राम की गलियों में रात्रिकालीन रोशनी नही, पक्की सड़क, नाली, सुलभ पेयजल व्यवस्था नही। पंचायत जिम्मेदारों की मनमानी से यह पंचायत अंधेर नगरी- चौपट राजा की तर्ज पर संचालित हो रहा है। जहां शासन की योजनाएं धरातल पर फलीभूत होने से पहले सरपंच- सचिव के भ्रष्ट्राचार और अनियमितता के आगे दम तोड़ रही है। अब ऐसे में यह कहना अनुचित न होगा कि कुटेशर नगोई सिर्फ भ्रष्ट्राचार का पंचायत नही, ये पूरे सिस्टम पर तमाचा है, जहां 15वां वित्त, डीएमएफ, मनरेगा, एसबीएम जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं 3 लोगों की त्रिमूर्ति के आगे घुटने टेक देती है। क्या संबंधित प्रशासन इस अंधेर नगरी की ओर संज्ञान लेगा या यूं ही चौपट राज जारी रहेगा..?

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Mithlesh Ayam

Assignment Editor | Lallanguru News Managing news assignments, coordinating reporters, and ensuring accurate & timely news coverage.

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