GPM: जंगली जानवर के शिकार के दौरान युवक को लगी गोली, मौत; पोल खुलने के डर से 12 शिकारियों ने जबरन कराया अंतिम संस्कार, सभी गिरफ्तार

गौरेला (छत्तीसगढ़)। जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के थाना गौरेला अंतर्गत ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान एक युवक की सीने में गोली लगने से मौत हो गई। मामले को छुपाने के लिए शिकारियों ने मृतक के परिजनों को जान से मारने की धमकी दी और पुलिस को बिना सूचना दिए आनन-फानन में शव का दाह-संस्कार भी करवा दिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और मुखबिर तंत्र की मदद से इस अंधे कत्ल और साजिश का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पेट दर्द से मौत की रची गई थी झूठी कहानी

दरअसल, 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार हरिशचन्द्र पनिका ने पुलिस को सूचना दी कि ग्राम दरमोहली खैरवाटोला निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई है। परिजनों ने मुंह-नाक से खून निकलने के बावजूद बिना पुलिस को सूचना दिए सुबह 9 बजे ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) श्री मनोज कुमार खिलारी और एएसपी श्री अविनाश मिश्रा के निर्देश पर पुलिस टीम और FSL अधिकारी डाॅ. प्रशांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने डर के मारे पुलिस को बताया कि सरवन की मौत अत्यधिक पेट दर्द और खून की उल्टी होने के कारण हुई है। लेकिन जब FSL टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया, तो वहां खून के धब्बे मिले, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।

बड़े भाई के बयान से खुला खौफनाक राज
चूंकि शव जलाया जा चुका था, इसलिए पोस्टमॉर्टम संभव नहीं था। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर मृतक के बड़े भाई पवन सिंह और पिता देवशरण ने खौफनाक सच उगल दिया।

शिकार के दौरान चली गोली, सीने में लगीं 3 गोलियां
बड़े भाई पवन सिंह ने बताया कि 27 जून को गांव और आसपास के कुछ लोग जंगल में जंगली जानवर का शिकार करने (खेदा करने) गए थे। इसी दौरान आरोपी रामायण कुशराम ने अपनी भरमार बंदूक से गोली चला दी, जो सीधे सरवन सिंह के सीने में जा लगी। सीने में तीन गोलियां लगने के कारण सरवन की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों को दी गई थी पूरे परिवार को भुनाने की धमकी
घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए साजिश रची। उन्होंने मृतक के भाई पवन सिंह और पिता देवशरण को जंगल में बुलाकर पैर पकड़े और मामला दबाने को कहा। जब पिता-पुत्र ने पुलिस में रिपोर्ट करने की बात कही, तो आरोपियों ने उन्हें हथियार दिखाकर धमकाया कि “एक को तो गोली मार ही दी है, अगर किसी को बताया तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को भी गोली से उड़ा देंगे।”
इस खौफ से डरे सहमे परिजनों ने अगले दिन सुबह आरोपियों की मौजूदगी में ही शव का खेत के भर्रा में ले जाकर दाह-संस्कार कर दिया और पुलिस के सामने बीमारी से मौत की झूठी कहानी गढ़ी। 17 जुलाई को डर से उबरने के बाद परिजनों ने कोटवार को साथ लेकर पुलिस के सामने बयान दर्ज कराए।
12 आरोपी गिरफ्तार, हथियार और मोबाइल जप्त
थाना गौरेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर मामले में शामिल सभी 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामग्रियां जप्त की गई हैं:
जप्त सामग्री: 01 नग भरमार बंदूक, 01 नग एयर बंदूक और 03 नग मोबाइल।
पंजीकृत धाराएं: थाना गौरेला में अप. क्रमांक 298/26 के तहत बीएनएस (BNS) की धारा 105, 238ख, 351(3), 190 एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. रामायण सिंह कुशराम (42 वर्ष) – निवासी दरमोहली (मुख्य आरोपी)
2. संतलाल सिंह धुर्वे (39 वर्ष) – निवासी अनूपपुर (मध्य प्रदेश)
3. लक्ष्मण यादव (42 वर्ष) – निवासी दरमोहली
4. कमलेश कुमार सलाम (38 वर्ष) – निवासी दरमोहली
5. कैलाश सिंह (37 वर्ष) – निवासी दरमोहली
6. अर्जुन सिंह (41 वर्ष) – निवासी पडखुरी
7. बलराम सिंह गोंड उर्फ कुमरिहा (50 वर्ष) – निवासी पडखुरी
8. अवध राज उर्फ अधरू गोंड (50 वर्ष) – निवासी पडखुरी
9. सुरजन सिंह धुर्वे (38 वर्ष) – निवासी पडखुरी
10. बैधा उर्फ बेदराम गोंड (50 वर्ष) – निवासी पडखुरी
11. भान सिंह उर्फ भानू (44 वर्ष) – निवासी पडखुरी
12. मुरारी गोंड (33 वर्ष) – निवासी पडखुरी
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती सत्यकला रामटेके, निरीक्षक शनिप रात्रे (थाना प्रभारी), उप निरीक्षक अजय वारें, पी.एस.आई आकाश बघेल, नेहा रावटे, प्रधान आरक्षक संतोष कुमार बंजारे, रामकृष्ण मिश्रा, सायबर सेल से प्र.आर. रवि त्रिपाठी, आरक्षक सुरेन्द्र विश्वकर्मा, हर्ष गहरवार सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









