GAURELA: खबर का असर: रिश्वत मामले में जांच समिति गठित “मूल्यांकन के नाम पर रिश्वत?” वायरल वीडियो के बाद जिला पंचायत हरकत में, 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई
मामले की जांच कर 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | जनपद पंचायत गौरेला में पशु शेड मूल्यांकन के नाम पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वायरल वीडियो और मीडिया में lallanguru news में प्रकाशित खबर के बाद जिला पंचायत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा जांच समिति गठित कर दी गई है।
जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मीडिया में प्रकाशित खबर “मूल्यांकन के नाम पर रिश्वत” और आवास मित्र रह चुके हेतराम राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई गई है। आरोप है कि तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार ने पशु शेड मूल्यांकन के बदले ₹5000 की मांग की थी और ₹4000 लेने का वीडियो भी सामने आया है।

जांच समिति में शामिल अधिकारी
जारी आदेश के अनुसार समिति में शामिल हैं—

श्री विजेन्द्र बलभद्रे — अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उप संभाग गौरेला (अध्यक्ष/नोडल अधिकारी)
श्री संतोष कुमार यादव — सहायक लेखाधिकारी, जनपद पंचायत गौरेला (सदस्य)

श्री रोशन सराफ — कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), जनपद पंचायत गौरेला (सदस्य)
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे मामले की जांच कर 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत लालपुर निवासी धर्मलाल राठौर के नाम पर स्वीकृत पशु शेड निर्माण कार्य के मूल्यांकन को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था। पीड़ित पक्ष का दावा है कि मूल्यांकन और फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे गए और लेन-देन का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने आरोपियों पर कार्रवाई और योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।









