LIVE UPDATE

KATGHORA: नरेंद्र पटेल का ‘रेत सिंडिकेट’ बेनकाब! भाजपा की आड़ में रात के अंधेरे में दीपका तक तस्करी?

दिन में भंडारण, रात में हाइवा का काफिला—बिना रॉयल्टी खुला खेल, प्रशासन खामोश

KORBA -कटघोरा क्षेत्र में अवैध रेत तस्करी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है, जहां भाजपा नेता नरेंद्र पटेल का नाम पूरे नेटवर्क के केंद्र में सामने आ रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि राजनीतिक संरक्षण की आड़ में रेत का यह काला कारोबार बेखौफ तरीके से संचालित किया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

ये खबर भी पढ़ें…
दैनिक लल्लनगुरू – एक्सक्लूसिव / रायपुर—कांग्रेस में आपसी खींचतान चरम पर, चुनाव को 2 साल बाकी और अभी से संभावित प्रत्याशियों की सूची लीक
दैनिक लल्लनगुरू – एक्सक्लूसिव / रायपुर—कांग्रेस में आपसी खींचतान चरम पर, चुनाव को 2 साल बाकी और अभी से संभावित प्रत्याशियों की सूची लीक
October 30, 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले विधानसभा चुनाव को अभी पूरे 2 साल बाकी हैं, लेकिन कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बरतराई अहिरन नदी और आसपास के क्षेत्रों से दिनभर ट्रैक्टरों के जरिए रेत निकाली जाती है और अलग-अलग स्थानों पर उसका भंडारण किया जाता है। लेकिन असली खेल रात के अंधेरे में शुरू होता है, जब बड़ी-बड़ी हाइवा गाड़ियां इस रेत को भरकर दीपका की ओर रवाना होती हैं। देर रात से लेकर सुबह तक सड़कों पर इन भारी वाहनों की लगातार आवाजाही देखी जा सकती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। बरतराई, नगोई, जुराली हाईवे और मोहनपुर के रास्ते रेत को दीपका तक पहुंचाया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इन हाइवा गाड़ियों के पास न तो वैध रॉयल्टी पर्ची होती है और न ही किसी प्रकार की अनुमति, इसके बावजूद ये खुलेआम सड़कों पर दौड़ती हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
कटघोरा के वरिष्ठ नागरिक काशीप्रसाद शर्मा (डाली महाराज) का निधन, नगर में शोक की लहर
कटघोरा के वरिष्ठ नागरिक काशीप्रसाद शर्मा (डाली महाराज) का निधन, नगर में शोक की लहर
November 1, 2026
कटघोरा। कटघोरा नगर के लिए दुखद खबर है। एसईसीएल के पूर्व सेवानिवृत्त अधिकारी एवं नगर के प्रतिष्ठित सामाजिक नागरिक श्री...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस पूरे मामले में खनिज विभाग और राजस्व विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि विभागीय मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव ही नहीं है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर रेत माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं।

नरेंद्र पटेल पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि वे भाजपा की आड़ लेकर इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे न सिर्फ शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।

रात के सन्नाटे में दीपका की ओर दौड़ती हाइवा अब इस बात की गवाही दे रही हैं कि कटघोरा में कानून का डर खत्म हो चुका है। बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक यह अवैध तस्करी यूं ही चलती रहेगी और प्रशासन कब जागेगा?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *