GPM “56 हज़ार के काम में 6 हज़ार कमीशन?” “रक़म लेते वीडियो में दिखा तकनीकी सहायक!” “सुशासन की सरकार में अवैध उगाही?”
पशु शेड मूल्यांकन के नाम पर कमीशनखोरी का आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | जिले के जनपद पंचायत गौरेला में मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत पशु शेड निर्माण कार्य में कथित रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार पर आरोप है कि लगभग ₹56 हजार के कार्य के मूल्यांकन और फाइल आगे बढ़ाने के बदले ₹6 हजार कमीशन मांगा गया।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि सौदेबाजी के बाद ₹4 हजार की राशि दी गई, जिसका कथित वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में तकनीकी सहायक कथित रूप से रकम लेते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

आवास मित्र के रूप में कार्य कर चुके हेतराम राठौर ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत लालपुर निवासी धर्मलाल राठौर के नाम पर स्वीकृत पशु शेड निर्माण कार्य के मूल्यांकन के लिए रकम मांगी गई। उनका कहना है कि जनपद पंचायत गौरेला कार्यालय की छत पर यह रकम दी गई और पूरा घटनाक्रम वीडियो में रिकॉर्ड है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रकम देने के बावजूद फाइल लंबे समय तक अटकी रही और कार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इससे हितग्राही को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। मामले के सामने आने के बाद अब ग्रामीण विकास योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह “सुशासन” के दावों पर बड़ा सवाल होगा। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी है कि वायरल वीडियो और गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।










