GPM में नवोदय विद्यालय की मांग ने पकड़ा जोर, सांसद तोखन साहू के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक पहुंची आवाज

नवोदय विद्यालय की स्थापना की मांग को केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक पहुंचाया, केंद्रीय राज्य मंत्री व बिलासपुर सांसद तोखन साहू के माध्यम से शिक्षा मंत्री से चर्चा की मांग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर भाजपा नेता पुष्पेंद्र मणि त्रिपाठी ने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष मांग रखी है। उन्होंने सांसद को पत्र सौंपकर आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा कर जिले में नवोदय विद्यालय की स्वीकृति दिलाने की दिशा में पहल करें।

पत्र में भाजपा नेता पुष्पेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल क्षेत्र है। जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना होने से यहां के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे प्रतिवर्ष करीब 40 से 50 छात्र-छात्राओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से कोटमी ग्राम में नवोदय विद्यालय के लिए जमीन तथा शासकीय हाई स्कूल रूमगा में कार्यालय के लिए स्थान सुरक्षित कराया जा चुका है। ऐसे में जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना के लिए आवश्यक आधारभूत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी।

पुष्पेंद्र मणि त्रिपाठी ने सांसद तोखन साहू से आग्रह किया कि वे जिले की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से रखें, ताकि विद्यालय की स्वीकृति की दिशा में मजबूती से पहल हो सके। उन्होंने बताया कि सांसद की ओर से इस संबंध में आश्वासन भी दिया गया है।
पहले भी हो चुके हैं प्रयास

जिले में नवोदय विद्यालय की मांग को लेकर पूर्व में भी भाजपा नेता पुष्पेंद्र मणि त्रिपाठी एवं तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष भाजपा प्रकोष्ठ नीरज जैन द्वारा प्रयास किए गए थे। मांग पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद विद्यालय के लिए जमीन चिन्हांकित करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नया जिला बनने के बाद से जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय की मांग लगातार तेज हुई है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार द्वारा जिले की आवश्यकता को देखते हुए इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
मंत्रालय स्तर पर भी मांगी गई थी जानकारी
इस संबंध में पूर्व में शिक्षा मंत्रालय की स्वायत्त संस्था स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय की ओर से जिला कलेक्टर कार्यालय के सांख्यिकी विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, संभागीय कार्यालय सहित अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी मांगी गई थी। संबंधित विभागों द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
«ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर अवसर
आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल क्षेत्र होने के कारण जिले में बड़ी संख्या में प्रतिभावान विद्यार्थी बेहतर शैक्षणिक अवसरों से वंचित रह जाते हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। बिलासपुर सहित आसपास के जिलों में सीमित सीट और दूरी के कारण विद्यार्थियों को होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। विद्यालय शुरू होने से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, खेल, विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। पुष्पेंद्र मणि त्रिपाठी ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जिले की इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी।»









