ऑनलाइन दवाओं के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का GPM जिले में व्यापक असर, मेडिकल स्टोर रहे पूरी तरह बंद —
अखिल भारतीय औषधि विक्रेता संगठन AIOCD और छत्तीसगढ़ के राज्य संगठन CCDA के आह्वान पर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में देशभर में दवा विक्रेताओं द्वारा आहूत एक दिवसीय हड़ताल का असर बुधवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पूरी तरह देखने को मिला। जिला औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर जिले की सभी प्रमुख दवा दुकानें सुबह से ही बंद रहीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दवा दुकानों के शटर बीती रात 12 बजे ही गिरा दिए गए थे, जो आज रात 12 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सुबह होते ही दवा लेने पहुंचे मरीजों को कई जगह बंद दुकानों के सामने खाली हाथ लौटना पड़ा। जरूरी दवाओं के लिए लोगों को इधर-उधर भटकते देखा गया, जिससे दिनभर असुविधा की स्थिति बनी रही।

यह हड़ताल अखिल भारतीय औषधि विक्रेता संगठन AIOCD और छत्तीसगढ़ के राज्य संगठन CCDA के आह्वान पर की गई है। संघ का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए दवाओं की बिक्री से स्थानीय केमिस्ट व्यापार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भारी डिस्काउंट और कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा के कारण छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
इसके साथ ही संघ ने ऑनलाइन दवा वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है और नकली या गलत दवाओं के मरीजों तक पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, जो सीधे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है।

हड़ताल की पूर्व सूचना जिला प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से दी गई थी, जिसके बाद आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के दावे किए गए थे। हालांकि इसके बावजूद जिले में सामान्य मरीजों को दवा के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।पूरे जिले में मेडिकल स्टोर बंद रहने से स्वास्थ्य सेवाएं दिनभर प्रभावित रहीं और स्थिति सामान्य होने की उम्मीद बंद समाप्त होने के बाद ही जताई जा रही है।










