मरवाही वनमण्डल में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल-वन विभाग के नाक के नीचे से चोरी हुआ बेशकीमती चंदन, डिप्टी रेंजर के घर के सामने से पेड़ गायब
दुर्लभ चंदन की अवैध कटाई से विभाग में हड़कंप, निष्क्रिय DFO

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही वनमण्डल में वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय परिसर के भीतर, डिप्टी रेंजर शिवशंकर तिवारी के घर के ठीक सामने से एक बेशकीमती चंदन का पेड़ अज्ञात लोगों द्वारा काटकर चोरी कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान को विभाग का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है, वहीं से दुर्लभ वृक्ष गायब हो गया और जिम्मेदारों को भनक तक नहीं लगी।
चंदन जैसे कीमती और दुर्लभ वृक्ष की चोरी ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारियों के आवास और कार्यालय परिसर में लगे पेड़ सुरक्षित नहीं हैं, तो जंगलों में फैले बहुमूल्य वन संपदा की सुरक्षा भगवान भरोसे ही होगी।

मरवाही वनमण्डल पहले भी अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। लेकिन इस बार मामला सीधे विभागीय परिसर से जुड़ा होने के कारण वन अमले की कार्यशैली कटघरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि चंदन का पेड़ काफी पुराना और मूल्यवान था, जिसे सुनियोजित तरीके से काटकर गायब किया गया।
घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब तक चोरी करने वालों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर विभागीय परिसर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था थी या नहीं, और यदि थी तो फिर चोर इतनी आसानी से चंदन का पेड़ काटकर कैसे ले गए। इस पूरे मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जांच केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है या फिर दोषियों तक पहुंचने के लिए विभाग कोई ठोस कार्रवाई करता है।










