KORBA: पसान में ‘₹100 वसूली साम्राज्य’ का बड़ा खुलासा!“यूनियन फार्म समिति” के नाम पर खदानों में ट्रकों से वसूली का गंभीर आरोप, लाखों के खेल की जांच की मांग?
उगाही के पैसों से गणेश तिवारी के नाम पर खरीदी गई 60 लाख की लोडर गाड़ी?

गणेश तिवारी के नाम पर खरीदी गई 60 लाख की लोडर गाड़ी?पसान में ‘₹100 वसूली साम्राज्य’ का बड़ा खुलासा, “यूनियन फार्म समिति” पर लाखों की उगाही का आरोप
कोरबा/पसान। कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में कथित अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पुटीपखना में संचालित “यूनियन फार्म समिति” पर आरोप लगा है कि वर्ष 2015 से विजय वेस्ट कोयला खदान और रानी अटारी खदान में ट्रक चालकों से प्रति गाड़ी ₹100 की वसूली करवाई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में भारी चर्चा शुरू हो गई है और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच की मांग उठाई है।

“सरपंच कार्यकाल से शुरू हुआ वसूली का खेल?”
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, ग्राम पंचायत पुटीपखना में वर्ष 2015 से सरपंच पद पर आने के बाद से ही दोनों कोयला खदानों में ट्रकों से नियमित रूप से वसूली की जा रही है। आरोप है कि कोयला परिवहन करने वाले वाहनों से प्रति ट्रक ₹100 लिया जाता है और यह सिलसिला वर्षों से जारी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस नियम और अधिकार के तहत यह रकम वसूली जा रही थी।

बाहरी लोगों को समिति में शामिल करने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि “यूनियन फार्म समिति” में पुटीपखना पंचायत के अलावा बाहरी क्षेत्रों के लोगों को सदस्य बनाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि समिति में सिर्री पंचायत, तनेरा पंचायत, धवलपुर पंचायत, सेन्हा पंचायत,अड़सरा पंचायत सहित बंगाल और यूपी गढ़वा तक के लोगों को सदस्य रखा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये बाहरी सदस्य स्थानीय लोगों के हितों की बजाय निजी लाभ और आर्थिक फायदे के लिए काम कर रहे हैं।

“हर महीने लाखों की वसूली” का दावा
ज्ञापन में दावा किया गया है कि दोनों खदानों से हर महीने करीब ₹2.5 लाख से ₹3 लाख तक की वसूली की जाती है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो सालाना लाखों रुपये के कथित अवैध लेन-देन का मामला सामने आ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पैसे की वसूली के बावजूद समिति द्वारा किसी भी सार्वजनिक हिसाब-किताब की जानकारी नहीं दी जाती।
“गणेश तिवारी के नाम पर खरीदी गई कोयला लोडर गाड़ी?”
आप पार्टी के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि समिति की कथित वसूली से गणेश तिवारी के नाम पर लगभग ₹55 से ₹60 लाख कीमत की कोयला लोडर गाड़ी खरीदी गई है। इस आरोप के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर समिति के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और उसका स्रोत क्या है।
बैंक खातों और रजिस्टरों की जांच की मांग___
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समिति के बैंक खातों, स्टेटमेंट, बैठक रजिस्टर और पंजी की गहन जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि कथित वसूली की रकम किस काम में खर्च की गई या फिर उसे समिति के खातों में जमा रखा गया। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो बड़े आर्थिक खेल का खुलासा हो सकता है।
समिति का पंजीयन निरस्त करने की उठी मांग-मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समिति स्थानीय हितों के बजाय कथित वसूली और बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने का माध्यम बन गई है, तो उसका पंजीयन तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पसान में अब एक ही सवाल…पूरा पसान क्षेत्र अब एक ही सवाल पूछ रहा है— “क्या खदानों की आड़ में चल रहे इस कथित वसूली खेल पर प्रशासन कार्रवाई करेगा… या फिर लाखों की उगाही का यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा?”









