एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में भू-विस्थापित: त्रिपक्षीय वार्ता विफल, 25 जून को महाआंदोलन की तैयारी तेज

कोरबा। एसईसीएल (SECL) कोरबा प्रबंधन और भू-विस्थापित किसानों के बीच मुआवजा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ‘कोयला धानी भू विस्थापित किसान संघ’ और क्षेत्र क्रमांक 6 के जनपद सदस्य के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। आगामी 25 जून से सिंघाली भूमिगत खदान में काम कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी TMC मिनरल रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू होने जा रहा है, जिसे सफल बनाने के लिए प्रभावित गांवों में बैठकों का दौर तेज हो चुका है।

त्रिपक्षीय वार्ता रही बेनतीजा
बता दें कि विगत 11 जून 2026 को भू-विस्थापितों ने एसईसीएल के महाप्रबंधक समेत विभिन्न विभागों को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए 17 जून 2026 को कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय में जिला प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच दोपहर 12 बजे एक त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई थी। लेकिन एसईसीएल प्रबंधन की उदासीनता के चलते यह बैठक पूरी तरह बेनतीजा (असारथक) रही। इसके बाद ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि आंदोलन पूर्व निर्धारित तिथि यानी 25 जून से ही शुरू होगा।


ये हैं भू-विस्थापितों की 8 प्रमुख मांगें:
1. रोजगार व मुआवजे की जानकारी: सिंघाली खदान प्रभावित ग्राम अरदा, भेजीनारा और लालपुर के जिन 275 लोगों को रोजगार और मुआवजा दिया गया है, उसकी लिखित संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाए।
2.सड़क बहाली:लालपुर और भेजीनारा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को बाधित न कर उसे व्यवस्थित किया जाए।
3.तालाब पाटने पर जवाब:खदान खुलने से पहले ग्रामीणों के निस्तारी के लिए उपयोग होने वाले तालाब को क्यों पाटा गया, इसकी विधिवत जानकारी दी जाए।
4.पेयजल व्यवस्था:ग्राम भेजीनारा और लालपुर में स्थाई पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
5. वैकल्पिक रोजगार:जिनकी जमीनें खदान में गई हैं, उन प्रत्यक्ष प्रभावितों को आउटसोर्सिंग कंपनी TMC मिनरल रिसोर्स में वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।
6. अवैध कब्जे पर कार्रवाई: खसरा नंबर 217/16 घ, 217/162, 217/16 ग के किसानों की जमीन पर TMC कंपनी द्वारा किए गए कब्जे पर कानूनी कार्रवाई हो।
7. मुक्तिधाम को नुकसान पहुंचाने पर एक्शन:किसानों के पूर्वजों के मुक्तिधाम को नुकसान पहुंचाकर जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
8. अधिग्रहण पर्ची और खसरा वापसी: साल 1987 में सिंघाली खदान के लिए अधिग्रहित जमीनों की जो पर्ची ली गई थी, उसे अर्जित भूमि के खसरे को विलुप्त कर वापस किया जाए ताकि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन सकें और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
25 जून के आंदोलन के लिए भेजीनारा में जुटी भारी भीड़
एसईसीएल प्रबंधन के अड़ियल रवैये से नाराज तीन गांवों (अरदा, भेजीनारा, लालपुर) के किसानों में भारी आक्रोश है। इसी कड़ी में आज 21 जून 2026 को ग्राम भेजीनारा में आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए एक बड़ी बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक कोयला धानी भू विस्थापित किसान संघ के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह और क्षेत्र क्रमांक 6 के जनपद सदस्य श्रवण सिंह तंवर के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने हिस्सा लिया और 25 जून के आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में रहे मौजूद:
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजेंद्र सिंह, नारायण सिंह, सुनील राज दीवान, जयनारायण, आशुतोष, बजरंग, जयरतन के साथ ही महिला शक्ति से धार्मिन बाई, मीना बाई, अमरीका बाई, जल बाई, गीता बाई, संतन बाई और द्वारका दास सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।










