रायपुर-कैबिनेट बैठक में कैशलेस चिकित्सा की मांग पर फैसला नहीं, कर्मचारियों में नाराजगी

बजट में 100 करोड़ रुपये की घोषणा के बावजूद धरातल पर नहीं उतरी मेडिकल कैशलेस सुविधा, 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया और 3 अक्टूबर को काली पट्टी लगाकर विरोध का ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक से प्रदेश के कर्मचारी संगठनों को अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं। खासतौर पर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए लंबे समय से प्रस्तावित मेडिकल कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर कर्मचारियों को उम्मीद थी कि कैबिनेट बैठक में इस दिशा में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। लेकिन कर्मचारी संगठनों के अनुसार बैठक में उनकी इस मांग को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया, जिसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

मेडिकल कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग पिछले करीब तीन वर्षों से कर्मचारियों द्वारा उठाई जा रही है। छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ का कहना है कि इस व्यवस्था से केवल सरकारी कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बजट में 100 करोड़ की घोषणा, फिर भी इंतजार

कर्मचारी संगठन का कहना है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान/घोषणा किए जाने से कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी कि अब इस सुविधा को जल्द लागू किया जाएगा। लेकिन संगठन के अनुसार बजट घोषणा के बाद भी यह व्यवस्था अभी तक धरातल पर लागू नहीं हो सकी है।
संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के समय कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के लिए आर्थिक व्यवस्था करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

कैबिनेट से उम्मीद थी, फैसला नहीं होने पर बढ़ी नाराजगी
कर्मचारी संगठनों की नजर हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक पर थी। उम्मीद की जा रही थी कि बैठक में कर्मचारियों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण मांग को स्थान मिल सकता है और कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को लागू करने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। संगठन के मुताबिक ऐसा नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा और नाराजगी है।
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने अब अपनी मांग को लेकर चरणबद्ध विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
2 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर विरोध, 3 अक्टूबर को काली पट्टी
संगठन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को कर्मचारी सोशल मीडिया के माध्यम से कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के कर्मचारी काली पट्टी लगाकर कार्यालयों में कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
संगठन ने प्रदेश के समस्त कर्मचारियों से इस विरोध कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया है।
प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर एवं संरक्षक राकेश सिंह ने कर्मचारियों से विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांग है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि शासन जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेते हुए कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को मेडिकल कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराएगा।
इस संबंध में जानकारी प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता द्वारा दी गई।









