पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड का खुलासा: मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार, बिहार-झारखंड के 3 शूटर फरार
पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है,

# पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड का खुलासा: मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार, हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बिहार-झारखंड के तीन पेशेवर शूटर अभी भी फरार
पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हुए चर्चित सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बिहार-झारखंड के तीन पेशेवर शूटर अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और दूसरे राज्यों में टीम भेजी गई है।

पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव निवासी खुशीराम साहू है। उसने पहले पेंड्रा क्षेत्र के सर्राफा व्यापारियों की गतिविधियों की रेकी की और फिर लूट की योजना तैयार की। इस पूरे षड्यंत्र में उसका भतीजा राजाराम साहू भी शामिल था, जिसने स्थानीय स्तर पर मदद की।
आरोपी :-

01. खुशीराम साहु पिता जगन्नाथ प्रसाद साहू निवासी बिटकुला थाना सीपत जिला-बिलासपुर (छ०ग०)
02. राजाराम साहू पिता स्व० मूलचंद साहू निवासी बिटकुला थाना सीपत जिला-बिलासपुर (छ०ग०)

03. गया प्रसाद रजक पिता स्व० आयोध्या राम रजक निवासी करौंदानार देवरीखुर्द चौकी कोटमीकला थाना पेण्ड्रा जिला गौ०पे०म० (छ०ग०)
बिहार और झारखंड से बुलाए गए थे शूटर
जांच में खुलासा हुआ है कि खुशीराम साहू ने बिहार और झारखंड से शूटर बुलाने के लिए अपने परिचित राहुल से संपर्क किया था। राहुल अपने साथी संजय और राजू के साथ पेंड्रा पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं तीनों ने मिलकर सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या की और सोने-चांदी के जेवर लूटकर फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया। आरोपियों ने पहले इलाके की निगरानी की और फिर मौका देखकर व्यापारी को निशाना बनाया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
घटना के बाद किया गया लूट के सामान का बंटवारा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे थे। यहीं पर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य सामान का आपस में बंटवारा किया गया। पुलिस को जांच के दौरान इस संबंध में अहम साक्ष्य भी मिले हैं।
तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं।
कट्टा, कारतूस और जेवरात बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान वारदात से जुड़ा हुआ है और इसकी जांच की जा रही है।
26 मई की शाम हुई थी सनसनीखेज वारदात
जानकारी के अनुसार, 26 मई की शाम करीब 7 बजे तीन आरोपी एक पल्सर बाइक पर सवार होकर पेंड्रा पहुंचे थे। उस समय सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी अपनी दुकान के पास मौजूद थे। इसी दौरान बदमाशों ने बेहद करीब से उन पर गोली चला दी। गोली उनके दाहिने सीने में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके से मिले थे कारतूस और खून के निशान
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू की थी। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि हत्या में शामिल राहुल, संजय और राजू अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमों को बिहार और झारखंड भेजा गया है। अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।











