KORBA/पोड़ी उपरोड़ा: सुशासन तिहार में रिश्वत का खेल! 40 हजार लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB की रेड से मचा हड़कंप
आरोपी के खिलाफ Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत मामला दर्ज

KORBA: सरकार जहां ‘सुशासन तिहार’ के जरिए जनता की समस्याओं के समाधान का दावा कर रही थी, वहीं उसी शिविर में रिश्वतखोरी का गंदा खेल चल रहा था। जिला Korba के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित समाधान शिविर में Anti Corruption Bureau ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
आरोप है कि सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने के लिए महीनों से चक्कर काट रहे थे। लेकिन बाबू प्रदीप मिश्रा बिना “नजराना” लिए फाइल आगे बढ़ाने को तैयार नहीं था। जीपीएफ जैसी सामान्य प्रक्रिया के लिए भी 40 हजार रुपये की डिमांड कर दी गई।

बताया जा रहा है कि परेशान और अपमानित शिक्षक ने आखिरकार बिलासपुर ACB से शिकायत की। शिकायत सही पाए जाने के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। शुक्रवार को जैसे ही शिक्षक ने तय रकम आरोपी बाबू को थमाई, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई होते ही शिविर परिसर में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारी-कर्मचारी सकते में आ गए। ACB टीम आरोपी को तुरंत एक कमरे में ले गई, जहां घंटों पूछताछ चली।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक रिटायर शिक्षक को अपने ही पैसे की एंट्री कराने के लिए रिश्वत क्यों देनी पड़े? क्या सरकारी दफ्तरों में बिना पैसे कोई काम नहीं होता? सूत्रों का दावा है कि आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा पर पहले भी वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लग चुके हैं। इसके बावजूद विभाग में उसकी पकड़ बनी रही और कथित तौर पर वह छोटे-छोटे कामों के लिए भी खुलेआम वसूली करता था।
अब ACB इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने और किन कर्मचारियों या रिटायर लोगों से पैसे ऐंठे हैं और क्या इस पूरे खेल में विभाग के अन्य लोग भी शामिल हैं।फिलहाल आरोपी के खिलाफ Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।










