“अफसर सुरक्षित नहीं तो शासन कैसे चलेगा? ”गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के राजस्व अधिकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। घटना के विरोध में जिले के राज्य प्रशासनिक सेवा एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट, धमकी और अभद्र व्यवहार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना केवल एक कर्मचारी पर हमला नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की गरिमा और कानून व्यवस्था पर सीधा हमला है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 27 मई 2026 को राजापुर तिराहा में नायब तहसीलदार को कथित रूप से बुलाकर सार्वजनिक रूप से मारपीट की गई, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
शेषनारायण जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस घटना से पूरा प्रशासनिक अमला आहत है। उन्होंने कहा कि यदि जनता की सेवा में दिन-रात काम करने वाले अधिकारियों के साथ इस तरह की घटनाएं होंगी तो प्रशासनिक कामकाज करना असंभव हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित अधिकारी एक कार्यपालिक दंडाधिकारी (Executive Magistrate) हैं और उनके ऊपर हमला होना बेहद गंभीर मामला है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अधिकारी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।

घटना के विरोध में पूरे छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। तहसीलदार जायसवाल ने बताया कि इस हड़ताल को प्रदेशभर में व्यापक समर्थन मिल रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। कई जिलों में राजस्व कार्य प्रभावित रहा।
राजस्व अधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, तत्काल FIR दर्ज करने, दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई तथा तहसील और उप तहसील स्तर पर अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा इस मुद्दे को सांसदों, विधायकों और उच्च स्तर के नेताओं तक पहुंचाया जाएगा। घटना को लेकर पूरे प्रशासनिक अमले में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।











