GPM -कौन है वो रसूखदार जनप्रतिनिधि?गौरेला कनेक्शन में उलझी गांजा तस्करी: जब्त कार के मालिक की जांच में जुटी पुलिस, वॉकी-टॉकी से संचालित हो रहा था नेटवर्क
कार के मालिक पर सस्पेंस, संबंधों की पड़ताल?

बिलासपुर/रतनपुर। रतनपुर पुलिस द्वारा 6 अप्रैल को पकड़े गए हाईटेक गांजा तस्करी मामले में अब नया मोड़ सामने आ रहा है। इस मामले में जब्त की गई कार का कनेक्शन गौरेला के एक रसूखदार जनप्रतिनिधि से जुड़ने की बात सामने आई है, जिसके बाद पुलिस जांच और तेज हो गई है।


पुलिस ने घासीपुर नाका के पास घेराबंदी कर गौरेला निवासी 26 वर्षीय सौरभ मिश्रा को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से करीब 3.329 किलोग्राम गांजा, दो वॉकी-टॉकी सेट, एक मोबाइल फोन और गांजा परिवहन में प्रयुक्त कार जब्त की गई थी। कुल जब्ती की कीमत लगभग 6.77 लाख रुपए बताई गई है।
कार के मालिक पर सस्पेंस, संबंधों की पड़ताल? जांच के दौरान जब पुलिस ने जब्त वाहन के दस्तावेज खंगाले, तो वाहन का पंजीयन गौरेला के एक रसूखदार जनप्रतिनिधि के नाम पर होना सामने आया। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी प्रकार की सीधी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह जरूर स्पष्ट किया है कि वाहन मालिक और आरोपी के बीच संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी को यह वाहन कैसे मिला और क्या इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क या सफेदपोश संरक्षण की भूमिका है।

वॉकी-टॉकी से बचते थे पुलिस निगरानी से? इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू तस्करी में इस्तेमाल की गई तकनीक है। आरोपी मोबाइल ट्रैकिंग से बचने के लिए वॉकी-टॉकी के जरिए संचार करता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस अब जब्त वॉकी-टॉकी की फ्रीक्वेंसी और इसके नेटवर्क स्रोत की भी जांच कर रही है।
पुराने रिकॉर्ड और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे? पुलिस आरोपी सौरभ मिश्रा के पुराने संपर्कों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पूर्व गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़ा हुआ है।

हाईटेक तस्करी ने बढ़ाई चिंता? इस मामले ने पुलिस की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि तस्करों द्वारा अब हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वॉकी-टॉकी आधारित संचार से संकेत मिलता है कि यह कोई संगठित नेटवर्क हो सकता है, जो पारंपरिक मोबाइल सर्विलांस से बचने की रणनीति पर काम कर रहा है।
पुलिस का आधिकारिक बयान? पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। साथ ही, मामले के हर पहलू—विशेषकर वाहन स्वामित्व और संभावित नेटवर्क—की बारीकी से जांच जारी है।









