मरवाही राजस्व विभाग में ‘पति-पत्नी राज’ का आरोप! आरआई दंपत्ति पर भ्रष्टाचार, मनमानी और नियमों को ठेंगा दिखाने के गंभीर आरोप
सीएम से शिकायत: सीमांकन के नाम पर खेल, आदेशों की अनदेखी और ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप

मरवाही, जीपीएम। मरवाही राजस्व विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में आरआई दंपत्ति अभिषेक त्रिपाठी और दीपमाला पर पद के दुरुपयोग, सीमांकन कार्य में मनमानी, शासकीय नियमों की अवहेलना तथा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता अमर गुप्ता का आरोप है कि मरवाही में पदस्थ आरआई दीपमाला के नाम पर जारी सीमांकन आदेशों पर भी कथित तौर पर अभिषेक त्रिपाठी स्वयं पहुंचकर कार्रवाई करते हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह विभागीय नियमों और जिम्मेदारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

आवेदन में दावा किया गया है कि तहसीलदार के आदेशों के बावजूद सीमांकन प्रकरणों को महीनों तक लंबित रखा जाता है। ग्रामीणों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि कई मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
“पैसा दो तो काम, नहीं तो इंतजार” — शिकायत में गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री को भेजे गए आवेदन में सीमांकन कार्य के बदले रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि पैसे नहीं देने वाले लोगों को कथित तौर पर अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाया जाता है और उनका काम लटकाया जाता है।
स्थानीय प्रशासन पर भी उठे सवाल

शिकायत में कहा गया है कि तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर स्तर पर भी शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
सुशासन के दावों के बीच बड़ा सवाल
प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं मरवाही से आई इस शिकायत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्च प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कब तक होती है।









