छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव: दिल्ली से ग्रीन सिग्नल, ऑनलाइन वोटिंग से तय होंगे नए चेहरे
क्या गुटबाजी से कमजोर होगा संगठन?

छत्तीसगढ़। युवा राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर दिल्ली आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला और विधानसभा स्तर तक के पदाधिकारियों का चयन ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम के जरिए किया जाएगा, जिससे संगठन में पारदर्शिता और भागीदारी बढ़ाने की बात कही जा रही है।
ऑनलाइन वोटिंग से होगा नेतृत्व का चयन

सूत्रों के मुताबिक, संगठन चुनाव का पूरा मॉडल तैयार कर लिया गया है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए पहले नामांकन होंगे, जिसके बाद ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह प्रक्रिया युवा कांग्रेस में डिजिटल लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
दिल्ली में दावेदारों की दौड़ तेज

चुनाव की आहट के साथ ही दावेदार सक्रिय हो गए हैं। कई युवा नेता अपने नाम को अधिकृत सूची में शामिल करवाने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। अंदरखाने लॉबिंग और शक्ति प्रदर्शन का दौर भी शुरू हो चुका है।
गुटबाजी का असर, कई दिग्गज मैदान में

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की गुटीय राजनीति का असर युवा कांग्रेस चुनाव में भी साफ दिखाई देने वाला है। वर्तमान में संगठन पर देवेंद्र यादव गुट का प्रभाव माना जा रहा है, जहां प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आकाश शर्मा का नाम चर्चा में है।
इसके अलावा
टी.एस. सिंहदेव गुट
चरणदास महंत गुट
भी अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबला बहुकोणीय और दिलचस्प होने की संभावना है।
दो साल का होता है कार्यकाल
युवा कांग्रेस संगठन में पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्षों का होता है। ऐसे में चुने गए नए चेहरे आने वाले समय में संगठन की दिशा और रणनीति तय करेंगे।
इकाई भंग कर शुरू होगी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, भारतीय युवा कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के लिए प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सप्ताह वर्तमान इकाई को भंग कर औपचारिक रूप से निर्वाचन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी जाएगी।
क्या गुटबाजी से कमजोर होगा संगठन?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जहां एक ओर यह चुनाव आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करेगा, वहीं दूसरी ओर बढ़ती गुटबाजी संगठन की एकजुटता पर असर डाल सकती है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि यह चुनाव युवा कांग्रेस को मजबूत करता है या अंदरूनी खींचतान संगठन की कमजोरी बनती है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का यह संगठन चुनाव सिर्फ पदों का चयन नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा राजनीति की नई दिशा तय करने वाला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।








