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कटघोरा में 2028 की सियासी बिसात बिछनी शुरू: क्या सूरज महंत होंगे कांग्रेस के चेहरे? सामान्य सीट पर नए प्रत्याशी की मांग तेज

 

2023 की हार के बाद कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर मंथन, कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने डॉ. चरणदास महंत से की मुलाकात; युवा और नए चेहरे को मौका देने की उठी मांग

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कटघोरा, जिला कोरबा।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव को अभी करीब दो साल का वक्त बाकी है, लेकिन कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में सियासी चर्चाओं ने अभी से जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के भीतर आगामी चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशी को लेकर मंथन की खबरों के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के पुत्र सूरज चरणदास महंत का नाम भी संभावित चेहरे के तौर पर चर्चा में आने लगा है।

हालांकि कांग्रेस की ओर से सूरज महंत को कटघोरा विधानसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसके बावजूद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में उनके नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात कर कटघोरा से सूरज महंत को अवसर देने की मांग रखी।

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सामान्य सीट पर नए चेहरे की मांग

कार्यकर्ताओं की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि कटघोरा विधानसभा सामान्य सीट है और आगामी चुनाव में पार्टी को युवा, शिक्षित और नए चेहरे पर दांव लगाना चाहिए। कांग्रेस के भीतर एक वर्ग लंबे समय से प्रत्याशी चयन में बदलाव की आवश्यकता की बात करता रहा है।

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2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कटघोरा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के प्रेमचंद पटेल ने कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी पुरुषोत्तम कंवर को पराजित कर सीट अपने नाम की। वर्तमान में प्रेमचंद पटेल कटघोरा के विधायक हैं।

कंवर परिवार के प्रभाव से अलग नया सियासी समीकरण?

कटघोरा विधानसभा का राजनीतिक इतिहास कंवर परिवार के प्रभाव से जुड़ा रहा है। दिग्गज  बोधराम कंवर क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शामिल रहे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनके पुत्र पुरुषोत्तम कंवर को मैदान में उतारा था और उन्होंने जीत दर्ज की थी।

लेकिन वर्ष 2023 में राजनीतिक समीकरण बदल गए। भाजपा ने प्रेमचंद पटेल को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के पुरुषोत्तम कंवर को शिकस्त दी।

इस हार के बाद कांग्रेस के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर नए सिरे से मंथन की चर्चा है। ऐसे में कंवर परिवार से इतर किसी नए चेहरे को मौका देने की मांग को भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूरज महंत के नाम की चर्चा के पीछे क्या है गणित?

सूरज महंत के नाम की चर्चा के पीछे सबसे बड़ा आधार डॉ. चरणदास महंत की राजनीतिक विरासत मानी जा रही है। डॉ. महंत छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कोरबा-जांजगीर क्षेत्र की राजनीति में उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है।

दूसरी ओर, युवा चेहरे को आगे बढ़ाने की मांग भी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा सकती है। पार्टी के भीतर यदि इस मांग को समर्थन मिलता है तो 2028 में कटघोरा की लड़ाई केवल भाजपा बनाम कांग्रेस नहीं, बल्कि पुराने राजनीतिक समीकरण बनाम नए चेहरे की लड़ाई भी बन सकती है।

हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा और टिकट वितरण के दौरान स्थानीय समीकरण, संगठन की स्थिति, जातीय-सामाजिक समीकरण तथा चुनावी जीत की संभावनाएं अहम भूमिका निभाएंगी।

कटघोरा में स्थानीय मुद्दे बन सकते हैं बड़ा चुनावी हथियार

2028 का चुनाव कटघोरा में केवल प्रत्याशी के चेहरे पर निर्भर नहीं रहेगा। क्षेत्र के स्थानीय मुद्दे भी मतदाताओं के बीच बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

खेल और शिक्षा: नगर के खेल मैदान को लेकर सामने आया विवाद तथा खिलाड़ियों और बच्चों के लिए बेहतर खेल सुविधाओं की मांग स्थानीय मुद्दा बन सकती है।

कोयला खनन, रोजगार और विस्थापन: कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के आसपास कोयला खनन गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। रोजगार, विस्थापन, पुनर्वास और मुआवजा जैसे मुद्दे चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठ सकते हैं।

सड़क, नाली और जलभराव: बरसात के दौरान सड़क, जलनिकासी और जलभराव की समस्याएं भी स्थानीय मतदाताओं की नाराजगी का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य सुविधाएं: क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाएं भी चुनावी बहस का हिस्सा बन सकती हैं।

अभी चर्चा, फैसला बाकी

फिलहाल सूरज महंत का नाम कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के तौर पर राजनीतिक चर्चाओं में है, लेकिन टिकट को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस संगठन के भीतर होने वाली बैठकों, स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पार्टी नेतृत्व के रुख पर सबकी नजर रहेगी।

अगर सूरज महंत के नाम पर कांग्रेस गंभीरता से विचार करती है, तो कटघोरा विधानसभा में 2028 की सियासी लड़ाई का स्वरूप काफी बदल सकता है। वहीं, भाजपा के मौजूदा विधायक प्रेमचंद पटेल के सामने कांग्रेस किस चेहरे को उतारती है, यह आने वाले समय में कटघोरा की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल बन सकता है।

Ritesh GUPTA

Ritesh Gupta Editor-in-Chief | Lallanguru News Ritesh Gupta is the Editor-in-Chief of Lallanguru News, dedicated to delivering accurate, unbiased, and impactful journalism. With a strong commitment to public interest reporting, he focuses on investigative journalism, governance, legal affairs, public accountability, and issues affecting local communities. His mission is to uphold the highest standards of ethical journalism by presenting factual, credible, and timely news while giving a voice to people and promoting transparency in public life.

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