आखिर विभाग का यह कैसा आदेश? अब क्या दिन देखकर लोग होंगे बीमार!
पसान में डॉक्टर की सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ड्यूटी, आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर हलचल

कोरबा/पसान (मिथलेश आयाम)। पसान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग का एक आदेश इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आदेश सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं और सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टर की उपलब्धता सप्ताह में केवल तीन दिनों तक सीमित रहेगी, तो बाकी दिनों में मरीजों को चिकित्सा सुविधा कैसे मिलेगी?
दरअसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरबा कार्यालय से 10 अगस्त 2026 को जारी आदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया, विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पाटले की सेवाएं सप्ताह में तीन दिवस—सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान में निर्धारित किए जाने का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

आदेश सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
स्वास्थ्य विभाग का यह आदेश सामने आने के बाद इसकी तस्वीर WhatsApp सहित सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुपों में तेजी से साझा की जा रही है। लोग अपने-अपने तरीके से इस व्यवस्था को लेकर सवाल और प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी मरीज को गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार को डॉक्टर की आवश्यकता पड़ती है, तो उस स्थिति में उसे किस चिकित्सकीय व्यवस्था का लाभ मिलेगा?
हालांकि, जारी आदेश में डॉक्टर की तीन दिवसीय सेवा व्यवस्था का स्पष्ट उल्लेख है, लेकिन बाकी दिनों में मरीजों के लिए वैकल्पिक चिकित्सकीय व्यवस्था का उल्लेख इस आदेश में स्पष्ट रूप से नजर नहीं आता।

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
पसान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का केंद्र है। ऐसे में डॉक्टर की उपलब्धता तीन दिनों तक निर्धारित किए जाने के बाद ग्रामीणों में अन्य दिनों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक होने वाली बीमारी, दुर्घटना अथवा आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है। ऐसे में डॉक्टर की उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
फिलहाल, विभाग का यह आदेश सोशल मीडिया पर चर्चा में है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग बाकी चार दिनों में मरीजों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था रखता है और ग्रामीणों की उठ रही आशंकाओं पर विभाग की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।









