मोगरा/कटघोरा: ठगी मामला: पूर्व पार्षद को कोर्ट से अग्रिम जमानत, बोले— “मैं आरोपी नहीं, खुद पीड़ित हूं”; मुख्य आरोपी डेनियल मंगेशकर

मोगरा/कटघोरा। मोगरा थाना क्षेत्र में दर्ज चर्चित ठगी प्रकरण में पूर्व पार्षद रविंद्र मोहन बघेल को बड़ी राहत मिली है। आवेदक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में पूर्व पार्षद सहित अन्य लोगों पर ठगी के आरोप लगाए गए थे। मामले में गिरफ्तारी की आशंका के बीच पूर्व पार्षद ने न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
अग्रिम जमानत मिलने के बाद पूर्व पार्षद रविंद्र मोहन बघेल ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनका इस कथित ठगी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे इस मामले में आरोपी नहीं, बल्कि स्वयं पीड़ित हैं।

पूर्व पार्षद के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को डेनियल मंगेशकर नामक व्यक्ति ने अंजाम दिया। उनका आरोप है कि डेनियल मंगेशकर ने दर्री के तत्कालीन थाना प्रभारी के नाम का हवाला देकर विश्वास में लिया और धोखाधड़ी की। बघेल का कहना है कि वे भी उसी घटना के शिकार हुए हैं, लेकिन उनके नाम से शिकायत कर आरोपी बना दिया गया।
पूर्व पार्षद ने यह भी दावा किया कि डेनियल मंगेशकर ही इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है और उसी ने कथित ठगी की घटना को अंजाम दिया। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और उनकी कोई संलिप्तता नहीं मिलेगी।

वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर शिकायतकर्ता ने पूर्व पार्षद सहित अन्य लोगों पर ठगी का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर पूर्व पार्षद स्वयं को पीड़ित बताते हुए पूरे मामले का जिम्मेदार डेनियल मंगेशकर को ठहरा रहे हैं। अब इस बहुचर्चित मामले में आगे की पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।










