गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही -कौन हैं जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर आशीष मिश्रा? जिनके नाम को लेकर परिजनों के बीच उठ रहे सवाल?
‘’परिजनों ने उठाए सवाल, प्रशासनिक जांच से ही सामने आएगी सच्चाई”

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही | सेमरा स्थित डीडी अस्पताल से जुड़े हालिया विवादों और दो महिलाओं की मौत के मामलों के बाद अब एक नया नाम चर्चा में आ गया है। मृतकों के परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों के बीच डॉ. आशीष मिश्रा को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि निजी अस्पताल से जुड़े कुछ निर्णयों और गतिविधियों में उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज, प्रशासनिक रिपोर्ट या जांच निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, जिससे किसी भी प्रकार के आरोप की पुष्टि की जा सके। ऐसे में यह पूरा मामला फिलहाल जांच और तथ्यों की पुष्टि का विषय बना हुआ है।

परिजनों का कहना है कि जब डीडी अस्पताल से जुड़े मामलों में लगातार गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, तब अस्पताल से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि उपचार संबंधी निर्णय, मरीजों की रेफरल प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन-किन स्तरों पर निर्णय लिए गए थे।
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि यदि किसी सरकारी चिकित्सक का नाम किसी निजी अस्पताल से जुड़े विवादों में सामने आता है, तो संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि बेबुनियाद आरोपों और वास्तविक जिम्मेदारियों के बीच भी स्पष्ट अंतर हो सकेगा।

परिजनों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि डीडी अस्पताल से जुड़े हालिया मौत के मामलों की जांच केवल अस्पताल प्रबंधन तक सीमित न रखी जाए, बल्कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या परिजनों द्वारा उठाए जा रहे सवालों में कोई तथ्य है, या फिर यह केवल जनचर्चा और आशंकाओं तक सीमित है? इसका जवाब अब निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आ सकेगा।









