जीपीएम जिले के शिक्षा परिणामों की शिक्षा मंत्री ने की सराहना, गुरुकुल संस्थान के विकास का दिया भरोसा_देखे वीडियो
ऐतिहासिक आदिवासी गुरुकुल की स्थिति पर जताई चिंता

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के शासकीय स्कूलों के बेहतर परीक्षा परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि जिले ने इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जिले का शैक्षणिक प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है, जो शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है और जीपीएम जिले का प्रदर्शन इस दिशा में सकारात्मक संकेत देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं उत्कृष्ट बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जिले के शिक्षा मॉडल को लेकर एक नया “ब्लूप्रिंट” तैयार किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक परिणामों को और बेहतर बनाया जा सके। इसके तहत शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, विद्यार्थियों के लिए बेहतर संसाधन और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ऐतिहासिक आदिवासी गुरुकुल की स्थिति पर जताई चिंता

इस दौरान अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से संचालित आदिवासी क्षेत्र के प्रतिष्ठित ‘गुरुकुल’ संस्थान की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस पर शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि गुरुकुल अंचल की एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शिक्षण संस्था है, जिसकी गरिमा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाता है, तो सरकार उस पर गंभीरता से विचार करेगी और आवश्यक फंड तथा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

मंत्री ने संकेत दिए कि आदिवासी अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार विशेष योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल जैसी संस्थाओं को मजबूत करना प्रदेश के समग्र शैक्षणिक विकास के लिए आवश्यक है।









