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GPM में ‘आत्मा’ भी बनी प्रॉपर्टी डीलर! मृत महिला कागजों में जिंदा, और जमीन पर चल गया ₹1.20 करोड़ का खेल — क्या प्रीति शर्मा और आशीष शर्मा ने रचा पूरा स्क्रिप्टेड ड्रामा?

जिंदा’ कागज, ‘मृत’ हकीकत—गड़बड़ी ने खड़ा किया बड़ा विवाद?

ब्यूरो रिपोर्ट / रितेश गुप्ता/ लल्लनगुरु

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- में सामने आया “मृत महिला को कागजों में जिंदा करने” का मामला अब और भी सनसनीखेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम में जिस जमीन का सौदा हुआ, “उसकी कीमत करीब ₹1 करोड़ 20 लाख” बताई जा रही है—और यही रकम अब पूरे मामले को बड़े खेल की ओर इशारा कर रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप—”“करोड़ों के सौदे के लिए रचा गया खेल?”” मामले में पीड़ित महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में “”तहसीलदार शर्मा और पटवारी आशीष शर्मा की”” भूमिका रही है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि भू-माफियाओं के साथ मिलकर दस्तावेजों में बदलाव किया गया और करोड़ों की जमीन को कागजों में “सेट” कर सौदा पूरा किया गया। पीड़ित का कहना है कि उनके पास इस संबंध में दस्तावेजी सबूत भी मौजूद हैं।

‘आत्मा’ की हाजिरी—और पूरा हुआ करोड़ों का सौदा ?सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस महिला का निधन हो चुका था, वही कागजों में जिंदा दिखाकर पूरी प्रक्रिया पूरी की गई—और आखिरकार जमीन का सौदा भी निपटा दिया गया।?अब सवाल यह है—क्या एक मृत ““महिला की ‘आत्मा’ के नाम पर ₹1.20 करोड़ का खेल खेला गया?”” कैसे हुआ पूरा खेल—कागजों में गढ़ी गई पहचान? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दस्तावेजों में बदलाव कर नई एंट्री तैयार की गई, खसरा और अन्य दस्ता वेज़ों में नाम दर्ज किया गया और पूरे रिकॉर्ड को वैध दिखाया गया। यह पूरा घटनाक्रम बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं माना जा रहा।

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अब सबसे बड़ा सवाल—कौन है जिम्मेदार?

मामले ने पूरे राजस्व सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अगर पीड़ित पक्ष के आरोप और सामने आने वाले सबूत सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ एक मामला नहीं—बल्कि करोड़ों के खेल का बड़ा खुलासा हो सकता है। क्या वाकई “तहसीलदार प्रीति शर्मा और पटवारी आशीष शर्मा” ने मिलकर मृत महिला की ‘आत्मा’ के नाम पर ₹1 करोड़ 20 लाख का सौदा करवाया?

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(नोट: इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आधिकारिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।)

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