बालको में चैत्र नवरात्रि पर बहेगी आस्था की बयार ,प्रज्ञा पीठ में आज से आयोजित होगा 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ .
सामूहिक संकल्प के साथ होगा महायज्ञ का आगाज ...

कोरबा।
चैत्र (बासंती) नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर गायत्री प्रज्ञा पीठ, बालकोनगर द्वारा 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और पूरे बालको नगर में इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर उत्साह का माहौल है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में नगर में भक्ति, साधना और आस्था की विशेष बयार बहेगी।

हिंदू परंपरा में वर्ष में चार बार आने वाले नवरात्र पर्व को साधना और आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ काल माना गया है। चैत्र (बसंत) और आश्विन (शारदीय) नवरात्रि उपासना, साधना और आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, वहीं आषाढ़ और माघ के नवरात्र गुप्त साधनाओं के लिए विशेष माने जाते हैं। ऋतु परिवर्तन के इस काल में शरीर और मन पर विशेष प्रभाव पड़ता है, ऐसे में संयम, उपवास, जप, यज्ञ और ध्यान के माध्यम से जीवन में संतुलन और शुद्धता लाने का प्रयास किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि आत्मिक उन्नयन, नई ऊर्जा और नव निर्माण का पर्व है। प्राचीन ऋषियों और तपस्वियों ने तप, त्याग और साधना के माध्यम से न केवल आत्मज्ञान प्राप्त किया, बल्कि जीवन और वातावरण को भी शुद्ध और दिव्य बनाया। गायत्री उपासना व्यक्ति के अंतर्मन को शुद्ध कर सामाजिक और पारिवारिक जीवन में शांति, सौहार्द्र और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। नवरात्रि का मूल संदेश भी यही है—अंधकार से प्रकाश की ओर, असत्य से सत्य की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर अग्रसर होना।

इसी आध्यात्मिक भाव को केंद्र में रखते हुए प्रज्ञा पीठ, बालकोनगर में 18 मार्च से 27 मार्च तक 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा!
सामूहिक संकल्प के साथ होगा महायज्ञ का आगाज़

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को शाम 7 बजे सामूहिक संकल्प के साथ महायज्ञ का शुभारंभ होगा। 19 से 26 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे अखण्ड ज्योति प्रज्ज्वलन एवं आरती, सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक अखण्ड जाप, तथा सुबह 8 बजे से 10 बजे तक यज्ञ एवं विभिन्न संस्कार आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन शाम 7 बजे आरती एवं चालीसा का आयोजन होगा।
27 मार्च को सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक यज्ञ, संस्कार एवं महापूर्णाहुति संपन्न होगी। दोपहर 1 बजे अमृतासन तथा शाम 7 बजे दीप महायज्ञ, आरती एवं चालीसा के साथ आयोजन का समापन होगा।
आयोजन में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु प्रज्ञा पीठ गायत्री मंदिर, बालको में संपर्क कर सकते हैं। संस्कार हेतु नाम दर्ज कराने के लिए दो दिन पूर्व पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।









