सरकारी आदेश के बाद भी नहीं रुका पैसा! मरवाही जनपद में समग्र शिक्षा फंड का खेल उजागर”एक करोड़ से अधिक का घोटाला?
लेन-देन पर उठे सवाल बैंक स्टेटमेंट के अनुसार—

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। मरवाही जनपद पंचायत एक बार फिर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के फंड से जुड़ा है, जहां सरकारी आदेशों को नजरअंदाज कर लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों और बैंक विवरणों ने यह संकेत दिया है कि समग्र शिक्षा अभियान के खाते से नियमों के विपरीत राशि निकाली गई और उसका उपयोग संदिग्ध स्थानों पर किया गया।
सरकारी निर्देशों की अनदेखी

राज्य शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि समग्र शिक्षा अभियान की बची हुई राशि को तत्काल वापस किया जाए। इसके बावजूद मरवाही जनपद में न केवल राशि वापस नहीं की गई, बल्कि खाते से लगातार पैसे निकाले जाते रहे।
संयुक्त खाते का नियम तोड़ा गया

नियमों के अनुसार, इस खाते का संचालन जनपद पंचायत के CEO और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRCC) के संयुक्त हस्ताक्षर से होना चाहिए। लेकिन दस्तावेजों से संकेत मिलते हैं कि खाते का संचालन एकल स्तर पर या बिना अधिकृत प्रक्रिया के किया गया, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।
लेन-देन पर उठे सवाल बैंक स्टेटमेंट के अनुसार—

• वर्ष 2022 से 2024 के बीच लगभग 99 लाख रुपये खाते से डेबिट किए गए
• मई 2024 से जून 2025 के बीच 12 लाख रुपये से अधिक की निकासी हुई इन ट्रांजैक्शनों में कुछ रकम पेट्रोल पंप, ट्रेवल एजेंसियों और निजी खातों में ट्रांसफर होने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा हो गया है।
जिम्मेदारों पर शिकंजा संभव
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि समग्र शिक्षा अभियान का खाता कभी भी एकल हस्ताक्षर से संचालित नहीं हो सकता। यदि ऐसा हुआ है, तो यह गंभीर अनियमितता है और इसकी जांच जरूरी है। वहीं जिला पंचायत CEO ने भी मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
👉 जब सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिए थे, तो फिर किसके संरक्षण में यह पैसा निकाला जाता रहा?
👉 और क्या यह सिर्फ लापरवाही है या एक सुनियोजित घोटाला?









