कोरबा में नियमों पर सवाल:फर्जी नंबर प्लेट पर ‘छत्तीसगढ़ शासन’ और ‘सीईओ’—नियमों को चुनौती देता वीआईपी कल्चर?”
जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग की गाड़ी पर बाहरी राज्य का टेंपरेरी नंबर?

कोरबा। जिले में यातायात नियमों को लेकर जहां आम नागरिकों पर सख्ती लगातार जारी है, वहीं एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी कल्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दिनेश कुमार नाग की एक फोर-व्हीलर गाड़ी पर कथित रूप से बाहरी राज्य (झारखंड) का टेंपरेरी नंबर अंकित है, जबकि वाहन का उपयोग छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह वाहन लंबे समय से इसी स्थिति में संचालित हो रहा है। सामान्यतः किसी भी नए वाहन को अस्थायी पंजीकरण के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थायी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। ऐसे में यदि टेंपरेरी नंबर की वैधता समाप्त हो चुकी है, तो यह नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।


इसके अलावा, वाहन में ‘छत्तीसगढ़ शासन’ एवं ‘सीईओ’ का उल्लेख अंकित होने और कथित रूप से आपातकालीन (लाल/नीली) बत्ती के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार द्वारा वीआईपी कल्चर को समाप्त करने के उद्देश्य से ऐसे संकेतकों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था, सिवाय अधिकृत आपात सेवाओं के।


अब बड़ा सवाल यह है कि जब आम नागरिकों पर छोटी-छोटी त्रुटियों के लिए भी तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है, तो क्या इस तरह के मामलों में भी समान रूप से नियम लागू किए जाएंगे? फिलहाल, इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा!











