कटघोरा में ‘अटल परिसर’ निर्माण पर उठे गंभीर सवाल: ₹30 लाख के कार्य में अनियमितता की आशंका, EE अली बक्स ने मांगी 24 घंटे में रिपोर्ट
VVIP के हाथों हुआ था लोकार्पण, अब जांच के घेरे में प्रतिमा निर्माण और गुणवत्ता

कोरबा/कटघोरा। नगर पालिका कटघोरा में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में निर्मित ‘अटल परिसर’ अब गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। लगभग ₹30 लाख की लागत से निर्मित इस परिसर में स्थापित प्रतिमा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि प्रतिमा के लिए स्वीकृत ₹13.60 लाख की राशि के अनुरूप कार्य नहीं हुआ और प्रतिमा के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री तथा गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताएं हो सकती हैं।


विवाद तब और गहरा गया जब हाल की बारिश के बाद प्रतिमा की ऊपरी परत प्रभावित होने लगी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई कि प्रतिमा के निर्माण में स्वीकृत मानकों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायतें सामने आने पर क्षेत्रीय कार्यालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, बिलासपुर संभाग के कार्यपालन अभियंता अली बक्स स्वयं मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
“प्रथम दृष्टया गड़बड़ी दिख रही है” — EE अली बक्स

निरीक्षण के बाद कार्यपालन अभियंता अली बक्स ने प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य में अनियमितता की आशंका जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या संबंधित पक्ष की जिम्मेदारी तय होती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई और आवश्यक रिकवरी की जाएगी।


दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुआ था लोकार्पण
उल्लेखनीय है कि अटल परिसर का लोकार्पण प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल तथा उपाध्यक्ष लालबाबू ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। ऐसे में अब उठ रहे सवालों ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
कैमरों से बचते दिखे जिम्मेदार
निरीक्षण के दौरान मीडिया द्वारा जवाब लेने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि कुछ जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित पक्ष कैमरे के सामने स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। इससे स्थानीय लोगों के बीच संदेह और गहरा गया है।

जनता में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक धन से निर्मित स्मारक में वास्तव में अनियमितता हुई है तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि देश के एक महान नेता के सम्मान से भी जुड़ा विषय है।
अब सभी की निगाहें 24 घंटे में मांगी गई जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होती है तो नगर पालिका कटघोरा में यह मामला हाल के वर्षों के सबसे चर्चित निर्माण विवादों में शामिल हो सकता है।









