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KORBA:स्वास्थ्य केंद्र या “मनोरंजन केंद्र”? कटघोरा अस्पताल में इलाज ठप, रील और सेलिब्रेशन में व्यस्त कर्मचारी? मरीज तड़पते रहे, डॉक्टर काटते रहे केक

कटघोरा अस्पताल बना “रील सेंटर”! मरीज तड़पते रहे, कर्मचारी काटते रहे केक — स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में

कोरबा/कटघोरा, 28 मई 2026। कटघोरा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इन दिनों इलाज से ज्यादा लापरवाही, अव्यवस्था और “रील संस्कृति” को लेकर चर्चा में है। भीषण गर्मी में जहां मरीज वार्डों में पसीने से तरबतर होकर तड़प रहे हैं, वहीं अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारी ड्यूटी के दौरान केक काटने, बर्थडे सेलिब्रेशन करने और सोशल मीडिया रील बनाने में मशगूल नजर आए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जिंदगी ज्यादा जरूरी है या अस्पताल में चल रहा मनोरंजन?

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### बंद कूलर, दमघोंटू वार्ड और AC का सिर्फ दावा

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने करीब पांच महीने पहले कटघोरा अस्पताल को वातानुकूलित करने की घोषणा की थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पताल में लगे कूलर तक बंद पड़े हैं। वार्डों में भर्ती मरीज और उनके परिजन गर्मी से बेहाल हैं।  लोग पूछ रहे हैं — क्या स्वास्थ्य मंत्री की घोषणाएं सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं?

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### अस्पताल या कचरा घर?

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अस्पताल परिसर में फैली गंदगी ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जगह-जगह कचरे के ढेर, बदबूदार शौचालय और अस्वच्छ वातावरण मरीजों के लिए नई बीमारियों का खतरा बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी, तो अस्पताल खुद बीमारी फैलाने का केंद्र बन सकता है।

### OPD में इलाज कम, सेलिब्रेशन ज्यादा!

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अस्पताल कर्मचारी ओपीडी समय में जन्मदिन मनाते, केक काटते और रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। जिस समय मरीज डॉक्टरों के इंतजार में परेशान थे, उसी समय अस्पताल के भीतर “जश्न” चल रहा था। इस वीडियो ने पूरे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

### डॉक्टर गायब, मरीज परेशान

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति भगवान भरोसे है। कई चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचते, जबकि कुछ पर निजी क्लीनिक को प्राथमिकता देने के आरोप लग रहे हैं। इसका सीधा असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें घंटों इंतज़ार के बाद भी सही इलाज नहीं मिल पाता।

100 बेड अस्पताल की घोषणा भी सवालों में

कटघोरा में 100 बिस्तर अस्पताल की घोषणा अब मजाक बनती नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि जब मौजूदा 50 बिस्तर अस्पताल की हालत इतनी बदतर है, तो बड़े अस्पताल का सपना आखिर किस भरोसे दिखाया जा रहा है?

पुराना 30 बेड CHC आखिर गया कहां?

स्थानीय लोगों ने पुराने 30 बिस्तर वाले CHC के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए हैं। नया 50 बिस्तर अस्पताल तो MCHC के रूप में संचालित हो रहा है, लेकिन पुराने अस्पताल का स्टाफ, संसाधन और सेवाएं आखिर कहां गायब हो गईं — इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

जांच के आदेश, लेकिन क्या बदलेगी व्यवस्था?

वीडियो वायरल होने और मामला गरमाने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। CMHO डॉ. एस. एन. केसरी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है —

क्या यह जांच सिर्फ फाइलों तक सीमित रहेगी, या कटघोरा अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर वास्तव में कार्रवाई होगी?

A Pranav

professional journalist

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