मरवाही वनमंडल: खरड़ी में अवैध कटाई: पहले निलंबित हो चुके वन रक्षक पर फिर गंभीर आरोप, वन संरक्षण अधिनियम के तहत FIR की मांग
निलंबन के बावजूद दोबारा आरोप, पर्यावरण और वन्य जीवन पर खतरा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। पेंड्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम खरड़ी में सरई (साल) वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आया है। वर्तमान में यह शिकायत ग्रामीणों द्वारा मौखिक रूप से की गई है, जिसे जल्द ही लिखित रूप में प्रशासन को सौंपा जाएगा।
लगातार हो रही अवैध कटाई

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में संरक्षित एवं इमारती पेड़ों की खुलेआम कटाई और तस्करी जारी है, जिससे पर्यावरण संतुलन और वन्य जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
वन रक्षक पर फिर उठे सवाल

इस मामले में वन रक्षक संजय कुमार पैकरा की भूमिका को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

पहले भी हो चुके हैं निलंबित
गौरतलब है कि दिनांक 12/11/2024 को पेंड्रा वन परिक्षेत्र में ही अवैध कटाई के मामले में संजय पैकरा, वन रक्षक (अमारू बीट) को तत्कालीन डीएफओ द्वारा निलंबित किया गया था। बाद में बहाली के साथ इनका बीट बदला गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है।

निलंबन का भय नहीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में हुई कार्रवाई के बावजूद यदि पुनः इसी प्रकार के आरोप सामने आ रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि संबंधित कर्मचारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई का कोई भय नहीं है और कथित रूप से अवैध गतिविधियां जारी हैं।

सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी कार्रवाई से न केवल दोषियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि अन्य के लिए भी एक सख्त उदाहरण स्थापित होगा।










