मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका में ACB का बड़ा ट्रैप _CMO और अकाउंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
पूछताछ के लिए अंबिकापुर रवाना, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई

मनेन्द्रगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका में दबिश देकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और अकाउंटेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे नगरपालिका क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।
निर्माण कार्यों के बिल पास करने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगरपालिका में चल रहे रिटर्निंग वॉल और सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों के बिल पास करने के एवज में संबंधित अधिकारियों द्वारा एक ठेकेदार से ₹33,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। ठेकेदार लगातार हो रही मांग से परेशान होकर इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।
शिकायत के बाद ACB ने बनाई रणनीति, बिछाया ट्रैप

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACB की टीम ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर सुनियोजित तरीके से ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत ठेकेदार को रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया और जैसे ही रकम का लेन-देन हुआ, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को मौके पर ही दबोच लिया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद नगरपालिका कार्यालय में मचा हड़कंप

ACB की इस अचानक कार्रवाई से नगरपालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बन गया।
दस्तावेजों की जांच, और भी खुलासों की संभावना
कार्रवाई के दौरान ACB टीम ने संबंधित दस्तावेजों और फाइलों की भी जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान और भी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिससे आने वाले समय में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पूछताछ के लिए अंबिकापुर रवाना, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम दोनों आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के लिए अंबिकापुर लेकर रवाना हो गई है। अधिकारियों से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की बड़ी और सख्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे साफ संकेत है कि सरकारी कामकाज में घूसखोरी और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
(अपडेट जारी…)







