छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: कर्मचारी, आश्रित परिवार और पेंशनर होंगे कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में, कर्मचारी कल्याण संघ ने जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों, उनके आश्रित परिजनों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे को व्यापक बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस फैसले से संबंधित मांग को लेकर लंबे समय से प्रयासरत छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित पूरी कैबिनेट के प्रति आभार व्यक्त किया है।
5 लाख से अधिक कर्मचारी परिवारों और 20 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद

संघ के अनुसार, इस योजना का दायरा बढ़ने से प्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा। अनुमान है कि कर्मचारियों के परिवारों को शामिल करने से 20 लाख से अधिक लोग इस व्यवस्था से लाभान्वित हो सकते हैं। हालांकि, लाभार्थियों की वास्तविक संख्या और योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं शासन के अंतिम नियमों एवं क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेंगी।
तीन वर्षों के संघर्ष के बाद मांग को मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ पिछले तीन वर्षों से कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना को प्रभावी रूप से लागू कराने और इसका लाभ कर्मचारी परिवारों तथा पेंशनरों तक पहुंचाने की मांग उठाता रहा है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, बजट में घोषणा के बाद अब मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलना उनके लंबे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
संघ ने इसे कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रभावी रूप से लागू होने पर गंभीर बीमारी, आकस्मिक दुर्घटना और आपातकालीन उपचार के दौरान कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है। विशेष रूप से ऐसे परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें महंगे इलाज के लिए अपनी बचत या उधार पर निर्भर रहना पड़ता है।

राकेश सिंह का दूसरा सपना पूरा होने की बात, प्रदेश पदाधिकारियों की भूमिका सराही
संघ ने संरक्षक राकेश सिंह के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे उनके दूसरे सपने की पूर्ति बताया है। इस अभियान में प्रदेश अध्यक्ष ऊषा चंद्राकर, प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता, लिखेस वर्मा, मिर्जा कासिम, विनोद सिंह, रमेश नेगी, विजय कोचंद्र, आजू सिन्हा, डिलेश्वर साव, मंजू सोरी सहित संस्थापक सदस्यों और समस्त प्रांतीय पदाधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
संघ के मुताबिक, संभागीय पदाधिकारियों, जिला संयोजकों, ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधियों और कर्मचारी साथियों ने भी इस मांग को प्रदेशभर में पहुंचाने तथा कर्मचारियों को इसके प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कर्मचारी परिवारों को दी बधाई
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने इस निर्णय पर प्रदेश के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों, उनके परिवारों और पेंशनरों को बधाई दी है। संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन जल्द ही योजना के क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिससे पात्र हितग्राहियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
समस्त जानकारी प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता द्वारा प्रदान की गई।









