GPM में गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा: Jaguar Travels की बस से 245 किलो गांजा जब्त, चालक समेत दो गिरफ्तार
मलकानगिरी से कोरबा और GPM तक पहुंचाया जा रहा था गांजा, 49 पैकेटों में छिपाकर रखा था करीब 1.22 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पेंड्रा पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए यात्री बस से करीब 245 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में बस के चालक एवं मालिक दिलीप कुमार हिंडिया तथा उसके सहयोगी भीमसेन केवट को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत पुलिस ने करीब 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये बताई है।
Jaguar Travels की 44 सीटर स्लीपर बस बनी गांजा परिवहन का जरिया

पुलिस के अनुसार गांजे का परिवहन Jaguar Travels की टाटा कंपनी की 44 सीटर स्लीपर बस क्रमांक OD30D0606 से किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बस को भी जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल हैंडसेट, जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है, भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक बरामद गांजा 49 पैकेटों में रखा गया था और प्रत्येक पैकेट में लगभग 5 किलोग्राम गांजा था। इस तरह कुल करीब 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

मलकानगिरी से पेंड्रा तक तस्करी का रूट सामने आया
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने गांजा तस्करी का एक लंबा रूट भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार गांजा मलकानगिरी से बोरई, धमतरी, रायपुर, बिलासपुर, पाली, कटघोरा, पसान होते हुए पेंड्रा तक पहुंचाया जा रहा था। पूछताछ में आरोपी दिलीप कुमार हिंडिया ने कथित तौर पर बताया कि वह मलकानगिरी, ओडिशा से गांजा लेकर कोरबा एवं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में सप्लाई करने आया था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में गांजा कहां से खरीदा गया, किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
बस चालक खुद निकला आरोपी, रास्ता बताने वाला सहयोगी भी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिलीप कुमार हिंडिया, पिता स्व. कुमार हिंडिया, निवासी नायपुरा, तहसील माथिली, जिला मलकानगिरी, ओडिशा है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके द्वारा स्वयं को बस का मालिक एवं चालक बताया गया है तथा पुलिस के मुताबिक वह गांजे के अवैध परिवहन में शामिल था।
दूसरा आरोपी भीमसेन केवट, पिता रामफल केवट, उम्र 30 वर्ष, निवासी धनौरा, मौहरपारा, थाना मरवाही, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही है। पुलिस जांच के अनुसार वह कटघोरा से बस में सवार हुआ था और चालक को आगे का रास्ता बताते हुए उसके साथ चल रहा था।
फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही पुलिस
पेंड्रा थाना पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 345/2026, धारा 20(b)(II), 29 NDPS Act के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क के सप्लायर, परिवहनकर्ता, रिसीवर और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
साथ ही तस्करी से अर्जित कथित अवैध धनराशि और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी विवेचना में शामिल की जा रही है। पुलिस की जांच का अगला फोकस इस बात पर है कि 245 किलो गांजा आखिर किसे और कहां सप्लाई किया जाना था।
एसपी के निर्देशन में संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में पेंड्रा थाना प्रभारी उप निरीक्षक रणक्षोर सिंह सेंगर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गगन तिवारी, प्रधान आरक्षक पवन राठौर, प्रधान आरक्षक मोती राम पैंकरा, आरक्षक प्रमोद खलखो, उप निरीक्षक सनत मात्रे, चौकी प्रभारी खोंडरी उप निरीक्षक अजय वारे, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश बघेल, सहायक उप निरीक्षक सहस राम रजक, आरक्षक सनी कौशले, उप निरीक्षक सुरेश ध्रुव, आरक्षक गिरवर पैंकरा सहित साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार हनोतिया, प्रधान आरक्षक रवि त्रिपाठी, आरक्षक सुरेन्द्र विश्वकर्मा, आरक्षक हर्ष गहरवार एवं आरक्षक दुष्यंत मसराम की भूमिका रही।
अब सवाल 245 किलो गांजे के पीछे बैठे असली नेटवर्क का
245 किलोग्राम गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की है। मलकानगिरी से लेकर पेंड्रा तक सामने आए रूट और आरोपियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। यदि जांच में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में गांजा, शराब, नशीली दवाओं सहित अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।









