बैक डेट बटांकन से करोड़ों का खेल! भारत माला घोटाले में ADM निर्भय कुमार साहू गिरफ्तार, 13 दिन की रिमांड
भूमि अधिग्रहण में हेराफेरी कर फर्जी तरीके से बढ़ाया गया मुआवजा, शासन को करोड़ों की चपत

रायपुर | भारतमाला मुआवजा घोटाला: एडिशनल कलेक्टर निर्भय कुमार साहू गिरफ्तार, 13 दिन की रिमांड
रायपुर। भारतमाला परियोजना में हुए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एडिशनल कलेक्टर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे साहू को पकड़ने के बाद विशेष न्यायालय, रायपुर से 17 मार्च से 30 मार्च तक 13 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।

पद का दुरुपयोग कर किया करोड़ों का घोटाला
जांच एजेंसी के अनुसार, निर्भय कुमार साहू ने अभनपुर में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) एवं भू-अर्जन प्राधिकारी रहते हुए भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं कीं। आरोप है कि उन्होंने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों और जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

बैकडेट में जमीन विभाजन, कई गुना मुआवजा
ACB की जांच में सामने आया कि तहसील अभनपुर के ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की भूमि को बैकडेट में अलग-अलग खंडों में विभाजित कर वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि वितरित की गई। इसके अलावा, नायकबांधा जलाशय की पहले से अधिग्रहित जमीन को दोबारा अधिग्रहित दिखाकर भी मुआवजा जारी किया गया।

कई धाराओं में दर्ज है मामला
इस प्रकरण में ACB ने अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7सी और 12 के तहत मामला दर्ज किया है।
पहले ही हो चुके थे निलंबित
गौरतलब है कि निर्भय कुमार साहू को मार्च 2025 में जगदलपुर नगर निगम आयुक्त के पद पर रहते हुए निलंबित कर दिया गया था। राज्य सरकार ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपी थी।
सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं
आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय से उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की गई थी।
आगे की जांच जारी
ACB अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को इस मामले में अन्य लोकसेवकों और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता के भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।







