कटघोरा / कोरबा | विशेष रिपोर्ट-घपले-घोटालों के आरोपों से घिरे SDO संजय त्रिपाठी का तबादला, कटघोरा वनमंडल को मिला नया अफ़सर

कटघोरा / कोरबा | विशेष रिपोर्ट
लंबे समय से विवादों और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिरे कटघोरा वनमंडल के उप वनमंडलाधिकारी (SDO) संजय त्रिपाठी का आखिरकार तबादला हो गया है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत कटघोरा वनमंडल को अब नया उप वनमंडलाधिकारी मिल गया है।
तबादला आदेश जारी होते ही विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है।
कटघोरा वनमंडल को मिली नई पदस्थापना
छत्तीसगढ़ शासन (वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार 2024 बैच की भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी सुश्री मृगाजा जालिंदर यादव को कटघोरा का नया उप वनमंडलाधिकारी (SDO) नियुक्त किया गया है। नए अधिकारी के आने से कटघोरा वनमंडल के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्यों विवादों में रहे SDO संजय त्रिपाठी?
संजय त्रिपाठी का कार्यकाल शुरू से ही विभिन्न आरोपों और प्रशासनिक विवादों के साए में रहा है:
* मरवाही का ‘नेचर कैंप व प्लांटेशन’ घोटाला:
मरवाही वन क्षेत्र में पदस्थापना के दौरान संजय त्रिपाठी पर नियमों को ताक पर रखकर ‘चिचगोहना पौधरोपण समिति’ और ‘जमवंत माड़ा गगनाई नेचर कैंप समिति’ के नाम पर 1 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा था। DFO स्तर पर हुई जाँच रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया गया था।
* विभागीय जाँच में मारपीट की घटना:
कटघोरा में पदस्थापना के दौरान जब वे गौरेला (पेंड्रा-मरवाही) में पुराने मामलों से जुड़ी विभागीय जाँच (DE) में बयान दर्ज कराने पहुँचे थे, तब एक अन्य आरोपी कर्मचारी के साथ उनका विवाद और हाथापाई हो गई थी। यह मामला पुलिस थाना और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुँचा था।
राहत की सांस और उम्मीदें
कटघोरा वनमंडल में लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवादों और घोटालों की खबरों के बाद संजय त्रिपाठी का यहाँ से हटना और नए IFS अफ़सर की पदस्थापना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्रवासियों और मैदानी अमले को उम्मीद है कि नए SDO के कार्यभार संभालने के बाद कटघोरा में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्य गति पकड़ेंगे।










